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Sunday, 18 October, 2026
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कनाडा की ‘ग्रांट धोखाधड़ी’ से मोहाली रियल्टी फर्म का नाम जोड़ने पर पंजाब पुलिस की जांच

कनाडा में कथित छात्र ग्रांट धोखाधड़ी को मोहाली की एक रियल एस्टेट कंपनी से जोड़कर पोस्ट करने वाले इन्फ्लुएंसर्स और पत्रकारों के खिलाफ पंजाब पुलिस की जांच. FIR में आपराधिक मानहानि और IT एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं.

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नई दिल्ली: पंजाब पुलिस ने आपराधिक मानहानि और कंप्यूटर से जुड़ी धोखाधड़ी के प्रावधानों के तहत एक FIR दर्ज की है. इसमें कनाडा में रहने वाले कुछ लोगों समेत सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और पत्रकारों की जांच की जा रही है. इन लोगों ने चंडीगढ़ स्थित एक कारोबारी समूह को कनाडा में कथित छात्र ग्रांट धोखाधड़ी और मोहाली में उसके रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स से जोड़ा था.

यह जांच ऐसे समय में हो रही है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिसंबर में कनाडा जाने वाले हैं. भारत-कनाडा के रिश्ते पूर्व कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में आई लंबी खटास से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं.

FIR रियल एस्टेट कंपनी GB Realty के वकील की शिकायत पर दर्ज की गई है. यह कंपनी गुरिंदर भट्टी के चलाए जाने वाले Optas Group की एक ग्रुप कंपनी है. वकील ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इन लोगों की ओर से की गई पोस्ट से कंपनी की छवि खराब हुई और इनका मकसद मोहाली में उसके रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को नुकसान पहुंचाना था.

FIR भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की धारा 356(2) के तहत दर्ज की गई है. यह धारा आपराधिक मानहानि से जुड़े अपराधों से संबंधित है. इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66 भी लगाई गई है, जो कंप्यूटर से जुड़े धोखाधड़ी के कामों से संबंधित है.

हालांकि, FIR अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज की गई है, GB Realty के वकील पारस शर्मा ने 109 सोशल मीडिया पोस्ट की एक सूची पुलिस को दी है. इनमें इन्फ्लुएंसर्स और पत्रकारों की पोस्ट शामिल हैं, जिनके बारे में आरोप है कि उन्होंने उनके मुवक्किल की मानहानि की है. पुलिस को दी शिकायत में शर्मा ने आरोप लगाया कि उनकी कंपनी GB Realty मोहाली की एयरपोर्ट रोड और न्यू चंडीगढ़ में “पंजाब के पहले ब्रांडेड रेजिडेंस” शुरू करने की प्रक्रिया में है. इसके लिए कंपनी ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) से जमीन हासिल की है.

हालांकि, उन्होंने आगे आरोप लगाया कि इन्फ्लुएंसर्स और पत्रकारों की सोशल मीडिया पोस्ट में कंपनी और उसके मैनेजिंग डायरेक्टर गुरिंदर भट्टी को जोड़ने से निवेशकों, खरीदारों, बैंकों और बिजनेस पार्टनर्स का भरोसा कमजोर हो रहा है, जो उनके कारोबार के लिए ज़रूरी हैं.

शर्मा ने FIR का आधार बनी शिकायत में आरोप लगाया, “GMADA से जमीन हासिल करने के बाद, हम एयरपोर्ट रोड, मोहाली और न्यू चंडीगढ़ में पंजाब के पहले ब्रांडेड रेजिडेंस शुरू कर रहे हैं. हाल ही में, हमारे समूह की छवि खराब करने के इरादे से कुछ अज्ञात लोगों ने गलत तथ्यों के आधार पर हमारी कंपनी और उसके मैनेजिंग डायरेक्टर के बारे में सोशल मीडिया पर झूठी अफवाहें फैलाई हैं.”

शर्मा ने FIR में आगे आरोप लगाया, “खास तौर पर, उन्होंने (इन्फ्लुएंसर्स और पत्रकारों ने) हमारी कंपनी के नाम को कनाडा में एक धोखाधड़ी के मामले से जोड़ने की कोशिश की है. यह आरोप पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद है. यह कंटेंट हमारे खिलाफ यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक और दूसरे प्लेटफॉर्म पर पोस्ट, वीडियो और कमेंट के जरिए फैलाई जा रही है.”

शुरुआत

जिन सोशल मीडिया हैंडल्स की जांच की जा रही है, उनमें चंडीगढ़ के इन्फ्लुएंसर शिवरतन ढिल्लों का हैंडल भी शामिल है. उन्होंने पोस्ट किया था कि कनाडा में धोखाधड़ी के आरोपों के बाद बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने GB Realty के कैंपेन से खुद को अलग कर लिया. हालांकि, FIR में GB Realty के वकील की शिकायत में दिए गए नामों में उनके एक्स हैंडल का नाम नहीं है, लेकिन ढिल्लों ने पंजाब पुलिस की ओर से जारी एक नोटिस पोस्ट किया है.

ऐसी ही पोस्ट 100 से ज्यादा सोशल मीडिया हैंडल्स से की गईं. इनमें इन्फ्लुएंसर्स और पत्रकार शामिल हैं. इन पोस्ट में कनाडाई मीडिया की रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए आरोप लगाया गया कि ओंटारियो में Academy of Learning Career College का नेटवर्क—जिसे Optas समूह की कंपनी Opulence Education Group फ्रेंचाइजी के तौर पर चलाती है—Ontario Student Assistance Programme (OSAP) के तहत फर्जी तरीके से दाखिले के जरिए पैसे के गलत इस्तेमाल के मामले के केंद्र में था. इसकी वेबसाइट के मुताबिक, Opulence Education Group की सह-स्थापना भट्टी और पुनीत खन्ना ने की थी.

कनाडाई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओंटारियो के कॉलेज और यूनिवर्सिटी मंत्रालय ने इस साल की शुरुआत में पांच निजी करियर कॉलेजों के छात्रों को आने वाले साल के लिए OSAP के तहत छात्र सहायता लोन लेने के लिए अयोग्य कर दिया था. ऐसा कुछ कॉलेजों में कोर्स में दाखिले की प्रक्रिया को लेकर चिंता जताए जाने के बाद किया गया. इनमें “हाई-रिस्क” दाखिला, “अपर्याप्त अटेंडेंस ट्रैकिंग” और “असिंक्रोनस प्रोग्राम्स (ऑनलाइन लर्निंग) में समझौता किया गया हिस्सा” जैसी चिंताएं शामिल थीं.

कनाडाई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनमें से चार संस्थान Opulence Group के Academy of Learning करियर कॉलेजों द्वारा चलाए जाते थे.

GB Realty के वकील शर्मा ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में इन आरोपों को “झूठा और बेबुनियाद” बताया.

शर्मा ने पुलिस शिकायत में कहा, “यह अभियान कुछ अज्ञात और दुर्भावनापूर्ण लोगों ने जानबूझकर चलाया है. इसका मकसद आम लोगों के बीच हमारे खिलाफ नफरत और दुश्मनी पैदा करना और पंजाब में हमारे बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को नुकसान पहुंचाना है.”

“यह झूठा प्रचार हमारी प्रतिष्ठा को बहुत नुकसान पहुंचा रहा है और आम लोगों की नजर में हमारी कंपनी की छवि खराब कर रहा है. इसके अलावा, इससे निवेशकों, खरीदारों, बैंकों और बिजनेस पार्टनर्स का भरोसा कमजोर हो रहा है. हम अनुरोध करते हैं कि इस सामग्री को बनाने, प्रकाशित करने, इसके लिए पैसे देने और इसे फैलाने वालों की पहचान की जाए. हम यह भी अनुरोध करते हैं कि YouTube और Meta जैसे प्लेटफॉर्म से इन अकाउंट्स की जानकारी हासिल की जाए और आपत्तिजनक सामग्री को हटाया जाए. हम मांग करते हैं कि दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए और उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए.”

पंजाब पुलिस ने एक्स और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को इस सामग्री को हटाने के लिए लिखा है. इसके लिए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 79 (3) (b) का हवाला दिया गया है.

कंटेंट हटाने के नोटिस के जवाब में इन्फ्लुएंसर ढिल्लों ने एक्स पर कहा, “अगर वे यही रास्ता अपनाना चाहते हैं, तो ऐसा ही सही!”

दिप्रिंट ने पुलिस जांच के दायरे और इसमें शामिल मामलों को लेकर SAS नगर पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वरुण शर्मा से संपर्क किया है. अगर और जब उनका जवाब मिलता है, तो इस रिपोर्ट को अपडेट किया जाएगा.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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