मुजफ्फरनगर (उप्र), एक नवंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की एक विशेष अदालत ने 16 साल पुराने भूमि विवाद में दलित किसान और उसके परिवार पर जान से मारने की नीयत से हमला करने के मामले में चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता आशीष कुमार ने रविवार को बताया कि विशेष न्यायाधीश विजय कुमार ने शनिवार को रामअवतार, उसके बेटे प्रदीप, कुंवरपाल और जावेश्वर को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक पर एक लाख पांच हजार 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
कुमार ने बताया कि घटना 28 मार्च 2010 को रामराज थाना क्षेत्र के हुसैनपुर गांव में हुई थी। उन्होंने बताया कि आरोपियों को दलित किसान विकास के जमीन पर कब्जे को लेकर आपत्ति थी और वे वहां खड़ी फसल काट रहे थे।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, विकास ने जब इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उस पर और उसके परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया और इस दौरान विकास को गोली लगी, जबकि परिवार के अन्य सदस्य भी घायल हुए।
कुमार ने बताया कि घटना के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अदालत ने सुनवाई के दौरान पेश साक्ष्यों के आधार पर उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं में दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई।
भाषा सं. सलीम रंजन
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