scorecardresearch
Monday, 15 June, 2026
होमदेशबीमा पॉलिसी के नवीनीकरण के नाम पर बुजुर्ग से चार लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में चार गिरफ्तार

बीमा पॉलिसी के नवीनीकरण के नाम पर बुजुर्ग से चार लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में चार गिरफ्तार

Text Size:

नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) दिल्ली पुलिस ने बीमा पॉलिसी के नवीनीकरण के नाम पर कथित रूप से ठगी करने वाले गिरोह का भंड़ाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को पकड़ा है।

पुलिस ने एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि आरोपियों ने एक बीमा पॉलिसी के नवीनीकरण के नाम पर एक वरिष्ठ नागरिक से चार लाख रुपये की कथित रूप से ठगी की थी।

दक्षिण पश्चिम दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अमित गोयल ने कहा कि पुलिस ने इस गिरोह में शामिल चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया जिनकी पहचान सुनील कुमार रावत (38), राहुल (28), सोनू (37) एवं शिवम उर्फ मोनू (26) के रूप में हुई।

अधिकारी ने कहा कि इस गिरोह ने बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि बनकर लोगों, खासकर वरिष्ठ नागरिकों को अपना शिकार बनाया और पीड़ितों का विश्वास जीतकर बीमा पॉलिसियों को नवीनीकृत करने के नाम पर उनसे पैसे ठग लिए।

पुलिस के अनुसार, यह मामला तब सामने आया, जब एक बुजुर्ग ने पुलिस के पास शिकायत की कि उसे एक व्यक्ति का फोन आया था, जिसने खुद को किसी वित्तीय कंपनी से जुड़ा हुआ बताया।

कॉल करने वाले व्यक्ति ने उसे बताया कि उसकी बीमा पॉलिसी की अवधि समाप्त हो चुकी है एवं इसे नवीनीकृत करने के लिए चार लाख रुपये देने होंगे।

गोयल ने कहा, “इस दावे को सच मानकर, पीड़ित ने जालसाज़ों द्वारा बताए गए बैंक खातों में राशि जमा कर दी। बाद में उसे नकली बीमा दस्तावेज भी भेजे गए।”

उन्होंने कहा कि शिकायत के आधार पर, 18 मई को एक ई-प्राथमिकी दर्ज की गई। इस मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की गई।

डीसीपी ने बताया कि जांच के दौरान, टीम ने मोबाइल फोन संबंधी जानकारियों, डिजिटल सुरागों, वित्तीय लेन-देन आदि का विश्लेषण किया। इसके आधार पर दिल्ली के गांधी नगर इलाके से रावत को गिरफ्तार किया गया।

गोयल ने कहा कि रावत ने इस गिरोह के अन्य सदस्यों की संलिप्तता के बारे में जानकारी दी और उसकी निशानदेही पर, पुलिस ने राहुल एवं सोनू को गिरफ्तार किया। आरोप है कि इन लोगों ने ‘म्यूल’ (कमीशन पर मिलने वाले) बैंक खाते की व्यवस्था की, धोखे से प्राप्त राशि को बांटा एवं नकली बीमा दस्तावेज भी तैयार किए।

अधिकारी के मुताबिक, आगे की जांच के दौरान शिवम को गिरफ्तार किया गया। शिवम उन सिम कार्डों को हासिल करने में कथित तौर पर शामिल था, जिनका उपयोग इस अपराध में किया गया।

उन्होंने बताया कि आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने और धोखाधड़ी को असली दिखाने के लिए ‘म्यूल’ सिम कार्ड और बैंक खातों का इस्तेमाल किया। आगे की जांच की जा रही है।

भाषा नोमान

नोमान मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments