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Tuesday, 19 May, 2026
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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खण्डूडी का निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भुवन चंद्र खंडूरी ने सेना से लेकर राजनीति तक देश के लिए अमूल्य योगदान दिया और हमेशा उत्तराखंड के विकास के लिए समर्पित रहे.

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वरिष्ठ बीजेपी नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर शोक व्यक्त किया. देहरादून में 91 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया.

पीएम मोदी ने कहा कि खंडूरी ने सेना और सार्वजनिक जीवन दोनों में देश के लिए अमूल्य योगदान दिया और हमेशा उत्तराखंड के विकास के लिए समर्पित रहे.

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, “उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खण्डूडी (सेवानिवृत्त) जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है. सशस्त्र बलों से लेकर राजनीतिक जगत में उन्होंने बहुमूल्य योगदान दिया, जिसके लिए उन्हें सदैव याद किया जाएगा. उत्तराखंड के विकास के लिए वे हमेशा समर्पित रहे, जो मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में भी साफ तौर पर दिखा. केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उनका कार्यकाल हर किसी को प्रेरित करने वाला है। देशभर में कनेक्टिविटी की बेहतरी के लिए उन्होंने निरंतर अथक प्रयास किए. शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और समर्थकों के साथ हैं. ओम शांति!”

उत्तराखंड सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खण्डूडी के निधन पर 19 मई से 21 मई तक तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है.

पूर्व मुख्यमंत्री का अंतिम संस्कार 20 मई को पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा. शोक के चलते मंगलवार को सभी राज्य सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य सरकार ने आदेश जारी किया है कि तीन दिन के राजकीय शोक के दौरान राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और इस दौरान कोई सरकारी मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा.

इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी खण्डूडी के निधन पर दुख जताया.

धामी ने एक्स पर लिखा, “उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और सम्मानित मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी (सेवानिवृत्त) जी के निधन की दुखद खबर मिली है. भारतीय सेना में रहते हुए उन्होंने देश सेवा, अनुशासन और समर्पण का अद्भुत उदाहरण पेश किया. सैन्य जीवन से लेकर सार्वजनिक जीवन तक उनका व्यक्तित्व राष्ट्रहित और जनसेवा के लिए समर्पित रहा.”

उन्होंने आगे कहा, “अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने उत्तराखंड के विकास, सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार कार्यशैली की मजबूत पहचान बनाई. जननेता के रूप में उन्होंने राज्य की प्रगति के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए और अपनी सादगी, स्पष्टता और कार्यकुशलता से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई. उनका निधन सिर्फ उत्तराखंड ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी अपूरणीय क्षति है. हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें.”

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