नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने शुक्रवार को सोनम वांगचुक से मुलाकात कर उनसे अनशन समाप्त करने और अपने स्वास्थ्य तथा जीवन की रक्षा करने का आग्रह किया.
एक बयान में कुमार ने कहा कि सिद्धांतों के आधार पर असहमति जताने वाले लोगों की जिंदगी की अहमियत समझी जानी चाहिए और उससे कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने जनहित के मुद्दों के लिए वांगचुक के संघर्ष की भी सराहना की.
पूर्व विधि और न्याय मंत्री ने एक बयान में कहा, ‘‘किसी भी जवाबदेह और गरिमापूर्ण लोकतंत्र में सिद्धांतों के आधार पर असहमति जताने वालों की जिंदगी को बहुत अहमियत दी जानी चाहिए और किसी भी वजह से उससे समझौता नहीं किया जाना चाहिए.’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारी परंपरा रही है और कई ऐसे मौके आए हैं जब राजनीतिक नेतृत्व ने आगे बढ़कर यह सुनिश्चित किया है कि भारतीयों की कीमती जानें न जाएं.’’
उन्होंने कहा कि वांगचुक ने जनहित के उन मुद्दों के लिए लड़ाई लड़ी है, जो उन्हें बहुत प्रिय हैं. उन्होंने कहा, ‘‘देश इन कार्यों के लिए उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र के वास्ते प्रार्थना करता है.’’
अश्विनी कुमार ने कहा, ‘‘मैं उनसे अपील करूंगा कि अपनी बात रखने के बाद अब वह अपना अनशन खत्म कर दें. उम्मीद करता हूं कि सरकार भी अनशन खत्म करने में उचित सहयोग करेगी.’
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 28 दिनों से अधिक समय से नीट-यूजी परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है.
वांगचुक 28 जून को इस आंदोलन में शामिल हुए थे और तभी से अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं.
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.