पालघर, 20 अक्टूबर (भाषा) महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक गांव के मेले से अपने आश्रम स्कूल लौट रहे विद्यार्थियों की मोटरसाइकिल फिसलकर सड़क किनारे एक गड्ढे में गिर गई, जिससे उस पर सवार दो लड़कों की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक, यह घटना सोमवार तड़के जव्हार तालुका में हुई। पांचों छात्र सरसुन गांव में नवरात्र उत्सव में शामिल होने के लिए हीरादपाड़ा गगनगिरी आश्रम स्कूल से चुपके से बाहर निकले थे। घटना के बाद स्कूल के प्रधानाध्यापक, वार्डन और चौकीदार को निलंबित कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि ये पांचों विद्यार्थी पास के सरसुन गांव में नवरात्र उत्सव में शामिल होने के लिए चुपके से स्कूल से बाहर निकल गए थे।
जव्हार थाने के एक अधिकारी ने बताया, ‘पांचों छात्र छात्रावास से चुपके से निकलकर एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर गए थे। 19 अक्टूबर को तड़के 2:30 एवं तीन बजे के बीच स्कूल लौटते समय उनकी मोटरसाइकिल कोंगड़ी घाट पर भीषण हादसे का शिकार हो गई। हादसे में सुमित मोतीराम भिंगल (18) और प्रीतम गणेश पोटिंडा (15) की मौत हो गई जबकि तीन अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए।’
उन्होंने बताया कि घटनास्थल से गुजर रहे एक मोटर चालक ने जव्हार पुलिस को घटना के बारे में सूचित किया।
पालघर जिला प्रशासन ने एक बयान में कहा कि एक छात्र की तो मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य छात्रों को जव्हार के पतंगशाह कॉटेज अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान चिकित्सकों ने एक और छात्र को मृत घोषित कर दिया।
प्रशासन ने बताया कि बाकी तीन घायल छात्र, जिनकी हालत गंभीर थी, उन्हें बेहतर इलाज के लिए नासिक के जिला अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया।
चिकित्सकों के अनुसार, घायल तीनों छात्रों की हालत स्थिर है और उनमें सुधार हो रहा है।
इनमें से दो छात्र कक्षा नौ के थे, एक कक्षा दस का था, और दो अन्य छात्र कक्षा बारह के थे।
इस घटना के बाद सवाल उठने लगे हैं कि पांच छात्र स्कूल के प्रधानाध्यापक, छात्रावास वार्डन और चौकीदार की निगरानी से बचकर, बिना किसी की नज़र में आए, देर रात छात्रावास से बाहर कैसे निकल गए।
एक अधिकारी ने बताया कि एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना (आईटीडीपी) की जांच समिति की रिपोर्ट में सुरक्षा में गंभीर लापरवाही सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, गैर-आवासीय छात्रों को छात्रावास में प्रवेश की अनुमति दी गई थी। इसके अलावा, पहले चेतावनी दिए जाने के बावजूद सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे।
जव्हार में आईटीडीपी के परियोजना अधिकारी एवं सहायक जिलाधिकारी सिद्धार्थ रामकुमार ने घटना का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए स्कूल प्रबंधन, प्रधानाध्यापक, छात्रावास वार्डन और चौकीदार को कारण बताओ नोटिस जारी किए।
भाषा
राखी राजकुमार
राजकुमार
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