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Sunday, 4 October, 2026
होमदेशकनाडा में 5 भारतीयों पर 'जबरन वसूली' के आरोप, ऑटो डीलरशिप पर आगजनी-गोलीबारी से जुड़ा मामला

कनाडा में 5 भारतीयों पर ‘जबरन वसूली’ के आरोप, ऑटो डीलरशिप पर आगजनी-गोलीबारी से जुड़ा मामला

यह जबरन वसूली का मामला 2025 का है. यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब कनाडा में रहने वाले दक्षिण एशियाई समुदाय में भारतीय गैंगस्टरों से जुड़े अपराधियों की ओर से जबरन वसूली की मांगों को लेकर बेचैनी बढ़ रही है.

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नई दिल्ली: कनाडा में पांच भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है और उन पर जबरन वसूली से जुड़े अपराधों के आरोप लगाए गए हैं. ये कार्रवाई पिछले साल ब्रिटिश कोलंबिया में एक ऑटो डीलरशिप की दो जगहों को निशाना बनाकर की गई हिंसा के बाद हुई है. रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने यह जानकारी दी है.

RCMP ने बताया कि ऑटो डीलरशिप के मालिकों से जबरन वसूली की मांग की गई थी. इसके साथ ही पिछले साल कारोबार को निशाना बनाकर दो हमले किए गए थे, जिनमें आगजनी और गोलीबारी शामिल थी. ये हमले सरे और लैंगली में हुए थे. यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब स्थानीय दक्षिण एशियाई समुदाय में भारतीय गैंगस्टरों से जुड़े अपराधियों की तरफ से की जा रही जबरन वसूली की मांगों को लेकर चिंता बढ़ रही है.

इस मामले की जांच RCMP के नेतृत्व वाली एक टास्क फोर्स ने की. यह जांच ‘प्रोजेक्ट E_PURSUANCE’ नाम के ऑपरेशन के तहत की गई. 1 अक्टूबर 2026 को ब्रिटिश कोलंबिया प्रॉसिक्यूशन सर्विस ने इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ आरोप लगाए. इनमें 23 साल के संकेत सिंगला भी शामिल हैं. उस पर जबरन वसूली, लापरवाही से हथियार चलाने, आग लगाकर नुकसान पहुंचाने और विस्फोटक पदार्थ फेंकने के आरोप लगाए गए हैं.

दूसरे आरोपी 24 साल के साहिल हैं, जो सरे के रहने वाले हैं. उन पर भी इसी तरह की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं. इसके अलावा उन पर प्रतिबंधित हथियार को बिना अनुमति दूसरे व्यक्ति को देने और कोकीन को दूसरी जगह पहुंचाने और बेचने से जुड़े आरोप भी लगाए गए हैं.

बाकी आरोपियों में सरे के रहने वाले 24 साल के सिमरनजीत सिंह और 21 साल के हर्ष, और ओटावा में रहने वाले 24 साल के जगदीप सिंह शामिल हैं. पुलिस ने कहा कि इन सभी पर जबरन वसूली और हथियार चलाने से जुड़े आरोप हैं.

एक प्रेस रिलीज में RCMP ने बताया कि उन्होंने सिंगला को गिरफ्तार करने के लिए भारत से कनाडा वापस आने की व्यवस्था कैसे की.

उन्होंने कहा, “श्री सिंगला भारत में थे. लगातार चल रही कोशिशों के दौरान जांचकर्ताओं ने इस मामले में उनकी कथित भूमिका का पता लगाया और यह तय किया कि सार्वजनिक हित में उन्हें कनाडा की अदालत के सामने पेश किया जाना जरूरी है. इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC), कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर RCMP के संपर्क अधिकारियों के साथ मिलकर काम करते हुए, जांचकर्ताओं ने एक नियंत्रित ऑपरेशन चलाया. इससे श्री सिंगला को गिरफ्तार करने के लिए कनाडा में प्रवेश कराने की व्यवस्था की गई.”

उन्होंने आगे कहा, “1 अक्टूबर 2026 को टोरंटो पहुंचते ही सिंगला को गिरफ्तार कर लिया गया. वह अभी हिरासत में हैं. बाकी चार आरोपियों को सरे में गिरफ्तार किया गया और वे भी हिरासत में हैं.”

RCMP ने कहा कि जांच के दौरान कई खतरनाक चीजें बरामद की गई हैं. इनमें चार हथियार, अलग-अलग तरह की गोलियां और मैगजीन, और ऐसे गैरकानूनी पदार्थ शामिल हैं जिनके फेंटेनाइल, कोकीन और अफीम होने का शक है.

जबरन वसूली, आगजनी और एक ऑटो डीलरशिप

RCMP के बयान में कहा गया है कि इस जांच की शुरुआत जून 2025 में हुई थी. उस समय एक ऑटो डीलरशिप के सह-मालिकों ने जबरन वसूली की शिकायत की थी. वे बड़ी रकम की जबरन वसूली की मांगों का सामना कर रहे थे.

उन्होंने बताया कि इन मांगों के बाद कारोबार को निशाना बनाकर दो हमले किए गए थे. इनमें आगजनी और गोलीबारी शामिल थी और ये हमले सरे और लैंगली की उनकी जगहों पर हुए थे. RCMP ने कहा, “यह इस बात को दिखाता है कि इन धमकियों और इस आपराधिक गतिविधि से जुड़ी हिंसा कितनी गंभीर थी.”

उन्होंने कहा कि एक खास टीम और कनाडा के साथ-साथ दूसरे देशों में बड़े स्तर पर चलाए गए अभियानों के जरिए जांचकर्ताओं ने एक ऐसे समूह का पता लगाया, जिसके जबरन वसूली, प्रतिबंधित हथियारों की तस्करी और नियंत्रित पदार्थों की तस्करी में शामिल होने का आरोप है.

इसके अलावा, उन्होंने कहा, “ऐसे सबूत भी मिले हैं जो ब्रिटिश कोलंबिया और अल्बर्टा के अलग-अलग समुदायों में जबरन वसूली और हिंसा की घटनाओं में दूसरे संदिग्धों की संभावित भूमिका की ओर इशारा करते हैं.”

उन्होंने कहा, “जांचकर्ता इन मामलों में मदद करने के लिए सहयोगी एजेंसियों के साथ लगातार काम कर रहे हैं. जैसे-जैसे ये जांच आगे बढ़ेगी, संबंधित इलाके की पुलिस की तरफ से आरोप लगाए जा सकते हैं.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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