नई दिल्ली: अमृतसर पुलिस ने शनिवार को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मधुसूदन संधू, जिन्हें आम तौर पर मैड संधू के नाम से जाना जाता था, को गोली मारकर हत्या करने वाले दो संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है. यह घटना शहर के लोहारा रोड पर शाम करीब 6 बजे हुई, जब संधू एक गैराज में अपनी SUV धुलने का इंतिजार कर रहे थे.
संधू के सोशल मीडिया पर 2.29 लाख फॉलोअर्स थे. वह LGBTQ समुदाय के मुखर सदस्य थे. कुछ रूढ़िवादी समूह अक्सर उनकी आलोचना करते थे और उन्हें धमकाते भी थे. इन लोगों का कहना था कि संधू के “बुरे प्रभाव” की वजह से “लड़के गे बन रहे थे”.
उनकी हत्या के एक साल पहले एक और स्थानीय इन्फ्लुएंसर, कंचन कुमारी या कमल कौर भाभी, की भी कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी. ऐसा कहा गया था कि हमलावर उनके सोशल मीडिया कंटेंट से नाराज़ थे.
पंजाब पुलिस के सूत्रों ने बताया कि संधू के परिवार ने उनकी हत्या से पहले किसी “खास” धमकी की शिकायत नहीं की थी. लेकिन परिवार ने सोशल मीडिया पर और उस इलाके में किए जाने वाले नफरत भरे कमेंट्स की बात बताई, जहां शनिवार को उनकी हत्या हुई.
अमृतसर के एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “परिवार ने सोशल मीडिया के साथ-साथ सड़क पर भी किए जाने वाले नफरत भरे कमेंट्स की शिकायत की है, और कहा है कि यह उनके लिए रोज की बात थी. पहली नजर में यह मामला सोशल मीडिया से जुड़े विवाद का लगता है.” हालांकि, उन्होंने कहा कि असली मकसद और हत्या के पीछे की वजह तभी पता चलेगी, जब मामले में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
अधिकारी ने कहा, “हमने उनकी आवाजाही के बारे में काफी जानकारी जुटा ली है और उनके रास्ते का पता लगा लिया है. हमें उम्मीद है कि आज शाम या कल तक उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा. उनकी गिरफ्तारी से हमें सभी सवालों के जवाब मिल जाएंगे.”
गैंग से संबंध?
घटना के तुरंत बाद अमृतसर के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सिरी वेनेला ने बताया कि संधू को पास के एक अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन गोली लगने की जगह पर ही उनकी मौत हो चुकी थी. उन्होंने कहा, “करीब दो से तीन गोलियां चलाई गई थीं. एक चश्मदीद के मुताबिक, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को बहुत पास से गोली मारी गई थी.”
हमले के कुछ घंटे बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई. दावा किया गया कि यह लॉरेंस बिश्नोई के नेतृत्व वाले गैंग के सदस्य गोल्डी ढिल्लों ने लिखा था. पोस्ट में संधू पर राज्य के युवाओं को बुरी तरह प्रभावित करने का आरोप लगाया गया था. हालांकि, पुलिस सूत्रों ने कहा कि दोनों हत्यारों की गिरफ्तारी और उनसे पूछताछ होने तक किसी भी संबंध की पुष्टि नहीं की जा सकती.
इस साल जुलाई में संधू को कथित तौर पर निहंग जत्थेदार मनप्रीत सिंह खालसा ने फोन पर धमकी दी थी. उन्होंने संधू के सोशल मीडिया अकाउंट पर मौजूद कंटेंट और उनके कपड़े पहनने के तरीके पर सवाल उठाए थे. सोशल मीडिया पर सामने आई फोन कॉल की कथित रिकॉर्डिंग में खालसा को यह कहते हुए सुना गया था कि उन्हें ऐसी चीजों से दूर रहना चाहिए, “क्योंकि इससे पंजाब की संस्कृति और लोगों पर बुरा असर पड़ सकता है.”
बाद में संधू ने अपना बचाव करते हुए कहा था कि भगवान ने उन्हें जैसा बनाया है, वे वैसे ही हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि उन्होंने अपनी जिंदगी में बदलाव किए हैं और “पुरानी गलतियों को दोहराना बंद कर दिया है”. उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि उनके पुराने वीडियो फिर से शेयर किए जा रहे हैं, ताकि बेवजह विवाद को दोबारा शुरू किया जा सके.
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