piyush goyal
पीयूष गोयल बजट पेश करने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए
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नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी सरकार के इस कार्यकाल के पेश किए गए अंतिम बजट के बाद वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बजट के खास प्रावधान गिनाए और सरकार की भरपूर तारीफ की.

उन्होंने कहा, एससी, एसटी, किसान, मजदूर आदि हर वर्ग के लिए सरकार ने जितना पैसा दिया है, वह हर मापदंड पर सबसे अधिक है. इस सरकार ने गरीबों के कल्याण पर सबसे अधिक पैसे का आवंटन किया है.


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पीयूष गोयल ने कहा, आज नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आखिरी बजट पेश हुआ. हमारी कोशिश है कि विकास देश के हर नागरिक तक पहुंचे. इस बजट ने हर नागरिक तक लाभ पहुंचाने का काम किया है. हम सबके समक्ष प्रधानमंत्री की स्पष्ट सोच रही कि सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों के कल्याण के बारे में सोचा जाए. हमने मध्यम वर्ग के हर व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश की. किसानों और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए हमने विशेष व्यवस्था की है. किसानों के लिए कभी इतनी बड़ी पहल आज के पहले नहीं हुई.

छोटे किसानों को पेंशन

वित्त मंत्री ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, 12 करोड़ छोटे सीमांत किसानों तक लाभ पहुंचाना साधारण बात नहीं है. बड़े खानदानों के लोग समझ नहीं पाते कि जिनके पास थोड़ी सी ज़मीन है, उनकी परेशानी क्या है. उन्हें ध्यान में रखते हुए जिन किसानों की ज़मीन दो हेक्टेयर से कम है, उन्हें 6000 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी. किसान को तीन फसलों के साथ, तीन हिस्सों में यह सहायता दी जाएगी. हम चाहते हैं कि इस देश में किसानों का सम्मान हो.


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गोयल ने कहा, अगर आप पिछली सरकारों का आंकड़ा देखते हैं तो हर किसान तक लाभ पहुंचने के लिए कोई साधन नहीं जुटाए. हमने जो प्रावधान किए हैं, वह किसानों को लाभ पहुंचाने का भारत के ​इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा प्रयास है.

असंगठित कामगारों को पेंशन

वित्त मंत्री गोयल ने कहा, असंगठित क्षेत्र के मज़दूरों को तकलीफों का सामना करना पड़ता है. अनुमानित 42 करोड़ असंगठित मज़दूरों के लिए केंद्र सरकार ने पेंशन योजना का प्रावधान किया हैं. इसी महीने यह योजना लागू कर दी जाएगी. इसमें हमने घरेलू कामगारों को भी शामिल किया है. इस पेंशन स्कीम में मज़दूरों को 100 रुपये महीने देने होंगे और 60 साल के बाद उन्हें तीन हज़ार रुपये महीने पेंशन मिलेगी.

वित्त मंत्री ने मीडिया को बताया, किसानों की एक समस्या प्राकृतिक आपदा की है. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के ​तहत किसानों को मदद दी जाती है. लेकिन अगर इस योजना के तहत किसी को सहायता नहीं मिलती है, तो हमने तय किया कि किसानों को ब्याज में तीन प्रतिशत अधिक छूट दी जाएगी. इसके अलावा पशुपालन और मत्स्यपालन से जुड़े किसानों के लिए सरकार ब्याज में दो प्रतिशत ​की छूट दी जाएगी.

उन्होंने कहा कि पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय कामधेनु आयोग की स्थापना की जाएगी. इन योजनाओं में जो बजट का प्रावधान किया गया है उसमें और धन की जरूरत पड़ने पर सरकार और धन मुहैया कराएगी.

वित्त मंत्री के मुताबिक, घर खरीदने पर जो डेढ़ लाख की छूट मिलती थी, उसे बढ़ाकर दो लाख कर दिया गया है. सरकार ने मध्यम वर्गीय परिवारों को लाभ पहुंचाने के लिए कई अहम प्रावधान किए हैं. हर वर्ग के करदाता को लाभ देने का काम सरकार ने लगातार किया है.

तीन करोड़ करदाताओं को राहत

पीयूष गोयल ने इस बजट का श्रेय पूरी तरह नरेंद्र मोदी को दिया. उन्होंने कहा कि अगर मोदी सरकार फिर से सत्ता में आती है तो इन योजनाओं को और आगे बढ़ाया जाएगा. तीन करोड़ से ज्यादा करदाताओं को राहत दी गई. पांच लाख तक आय पर कोई कर नहीं होगा. अगर कोई डेढ़ लाख तक प्राविडेंट फंड में निवेश करता है तो उसे साढे छह लाख तक की आय पर छूट होगी.

गोयल ने कहा, पांच लाख तक से ज्यादा की आय वाले करदाताओं के लिए पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी. उसमें मामूली फेरबदल हुआ है. अगले बजट में सरकार उस पर विचार कर सकती है.

कर व्यवस्था में सुधार का ज़िक्र करते हुए गोयल ने बताया कि आगे चलकर आयकर से संबंधित सभी विश्लेषण, सत्यापन आदि इलेक्ट्रॉनिक हो जाएंगे, जिससे आपको घर बैठे आयकर चुकाना आसान हो जाएगा. सरकार यह भी व्यवस्था कर रही है कि आयकर रिटर्न 24 घंटे में संपन्न हो जाए और रिटर्न का भुगतान तुरंत हो जाए.

रक्षा बजट पहली बार 3 लाख करोड़

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार कोशिश कर रही है कि पूरा देश ईमानदारी के रास्ते पर चले. देश ईमानदारी के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है. मोदी ने आम आदमी के विकास के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं. करदाताओं के पैसे से वंचित लोगों, गरीबों, किसानों और मजदूरों को लाभ पहुंचाया जाएगा.

उन्होंने कहा, रक्षा बजट पहली बार 3 लाख करोड़ से ज्यादा हो गया है. ओआरओपी लागू कर दिया गया है. मोदी सरकार ने 35 हजार करोड़ से अधिक रुपये का प्रावधान ओआरओपी के लिए किया है.


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