तिरुवनंतपुरम, 18 जनवरी (भाषा) केरल के कोल्लम में भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) के छात्रावास में मृत पाई गईं प्रशिक्षु कबड्डी खिलाड़ियों के परिजन ने मामले की जांच कराए जाने की मांग की है।
कोझिकोड जिले के चालियम की रहने वाली सैंड्रा ए (18) और तिरुवनंतपुरम जिले के मुथक्कल की वैष्णवी वी (15) अपने छात्रावास के कमरे में 15 जनवरी को फांसी पर लटकी मिली थीं।
वैष्णवी के पिता वेणु ने रविवार को एक टीवी समाचार चैनल से कहा कि परिवार को नहीं लगता कि उनकी बेटी ने आत्महत्या की है। उन्होंने मामले की गहन जांच की मांग की।
उन्होंने कहा कि 15 जनवरी को सुबह करीब छह बजे खेल सुविधा के प्रभारी व्यक्ति ने उन्हें कॉल करके बेटी की मां को लाए बिना कोल्लम पहुंचने के लिए कहा।
वेणु के अनुसार, जब वह एसएआई केंद्र पहुंचे तो सुरक्षा कर्मी ने गेट पर ताला लगाने का प्रयास किया, लेकिन वह जोर लगाकर अंदर घुसने लगे।
उन्होंने कहा, “एक घंटे तक उन्होंने यह नहीं बताया कि मेरी बेटी के साथ क्या हुआ है। कहासुनी के बाद सांसद एन.के. प्रेमचंद्रन वहां पहुंचे और मुझे अंदर जाने दिया गया। इसके बाद पुलिस आयुक्त भी पहुंचे और बेटी को देखने की अनुमति दी गई।”
वेणु ने बताया कि घटना से एक दिन पहले सुबह करीब 10:30 बजे वैष्णवी ने उनसे संपर्क किया और उन्हें बताया कि उसने एक प्रतियोगिता जीती है एवं उसे ‘शारजाह शेक’ खरीदने के लिए पैसे चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने पैसे भेज दिए। उसी रात उसने फिर हमसे संपर्क किया। मेरी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती। मुझे इस बात का पूरा भरोसा है।’’
उन्होंने दावा किया कि वैष्णवी का शव छात्रावास के सबसे ऊपरी तल पर मिला जबकि वह किसी दूसरे तल पर रह रही थी।
वेणु ने कहा, “मेरी पत्नी ने मुझे बताया था कि वैष्णवी ने उन्हें अधिकारियों के निर्देशानुसार पूर्व वार्डन से संपर्क न करने को कहा था। उसे यह बताया गया था कि अगर हम पूर्व वार्डन से संपर्क करेंगे, तो उसे छात्रावास से बाहर निकाल दिया जाएगा।’’
वेणु ने यह दावा भी किया कि घटनास्थल से मिले एक ‘सुसाइड नोट’ में लिखा था कि वार्डन ‘सब कुछ जानती है’।
उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि नोट में वर्तमान वार्डन का जिक्र है या पूर्व वार्डन का।
इस बीच, सैंड्रा की मां सिंधु और पिता रवि ने शनिवार को पत्रकारों से कहा कि उनकी बेटी अक्सर परिवार से कहती थी कि वह एसएआई सुविधा केंद्र में रहने से तंग आ चुकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सैंड्रा अक्सर छात्रावास को जेल जैसा बताती थी और घर लौटने को बेताब दिखती थी।
एसएआई ने अब तक इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
हालांकि, घटना के बाद सरकार समर्थित खेल प्राधिकरण ने एक बयान में कहा कि वह जांच में सहयोग कर रहा है।
कोल्लम सिटी पुलिस ने घटना की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है।
भाषा जोहेब सिम्मी
सिम्मी
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