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Monday, 2 November, 2026
होमदेशदेवास पुलिस अधिकारी मौत मामले में परिजनों ने सीबीआई जांच, दोषियों के लिए फांसी की मांग की

देवास पुलिस अधिकारी मौत मामले में परिजनों ने सीबीआई जांच, दोषियों के लिए फांसी की मांग की

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धार (मध्यप्रदेश), दो नवंबर (भाषा) मध्यप्रदेश के देवास जिले में अवैध शराब से भरे एक ट्रक को पकड़ने की कार्रवाई के दौरान मारे गए खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी के परिजनों ने इस घटना को हत्या करार दिया और पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग को।

परिजनों ने प्रशासन से दोषियों को फांसी देने, उनके घरों पर बुलडोजर चलाने और अनुकंपा नियुक्ति के तहत पुरी की पत्नी के लिए ‘मिनिस्ट्रीयल स्टाफ’ में नौकरी देने की भी मांग की।

पुरी का पार्थिव शरीर धार जिले में उनके गृह नगर बरमंडल लाया गया, जहां ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ के साथ राजकीय सम्मान से उनका अंतिम संस्कार किया गया।

इस अवसर पर संभाग आयुक्त भास्कर लक्षकार, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अनुराग, जिलाधिकारी राजीव रंजन मीणा, पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

इस दौरान लोगों ने ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, दिलीप पूरी तेरा नाम रहेगा’ के नारे लगाए, जिससे माहौल और गमगीन हो गया।

दिलीप पूरी के पिता ओम प्रकाश पूरी ने संवाददाताओं से चर्चा मे कहा, ‘‘जिसने भी इस घटना को अंजाम दिया है, उसकी हरकत एकदम निंदनीय है। इन लोगों ने मेरे बेटे की हत्या की है और इसके लिए उन्हें फांसी पर लटकाया जाना चाहिए और उनके घरों पर बुलडोजर कार्रवाई भी होना चाहिए। इसकी सीबीआई जांच भी की जानी चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि उनका बेटा गांव में बच्चों को शिक्षा भी देता था और उनमें कई ऐसे भी हैं जो विभिन्न स्थानों पर उच्च पदों पर काम कर रहे हैं।

दिलीप पूरी की बहन दीपिका गोस्वामी ने बताया कि दशहरे के दौरान भाई से उनकी मुलाकात हुई थी लेकिन अगले ही दिन वह ड्यूटी के लिए खातेगांव निकल गया।

उन्होंने कहा, ‘‘भाई की हत्या हुई है और इसमें शामिल सभी लोगों को फांसी पर लटका दिया जाना चाहिए एवं सभी के घरों को बुलडोजर से ध्वस्त किया जाना चाहिए।’’

उन्होंने अपने भाई की पत्नी के लिए सरकारी नौकरी की मांग करते हुए कहा, ‘‘दिलीप के दो छोटे बच्चे हैं और हमारे मां-बाप इतने सक्षम नहीं कि अच्छे से उनका पालन पोषण कर सकें। मेरे मां-बाप ने घर की जमीनें बेचकर सभी बच्चों को पढ़ाया-लिखाया। वह हम पांच भाई-बहनों में सबसे तेज था।’’

इससे पहले, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पुरी की मौत पर दुख जताया और उनकी पत्नी को उप निरीक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति एवं उनके परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

इंदौर के आईजी अनुराग ने संवाददाताओं से कहा कि परिवार ने अनुकंपा नियुक्ति के तहत पत्नी के लिए ‘मिनिस्ट्रीयल स्टाफ’ में नौकरी देने तथा मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग रखी है।

उन्होंने कहा, ‘‘इन मांगों और प्रस्तावों को शासन के पास अग्रिम निर्णय के लिए भेजा जा रहा है और पुलिस प्रशासन इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ मुस्तैदी से खड़ा है।’’

भाषा सं ब्रजेन्द्र राजकुमार

राजकुमार

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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