कोलकाता, 15 सितंबर (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 2025 के कथित जबरन वसूली मामले में तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति आजाद को मंगलवार को दंडात्मक कार्रवाई से छह महीने के लिए अंतरिक्ष संरक्षण प्रदान कर दिया।
अदालत ने आजाद को मामले की जांच में राज्य के अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) का सहयोग करने का निर्देश दिया। उसने तृणमूल सांसद से 22 सितंबर को सीआईडी मुख्यालय में पेश होने के लिए भी कहा।
न्यायमूर्ति कौशिक चंदा ने आजाद को छह महीने के लिए अंतरिम संरक्षण देते हुए सीआईडी को निर्देश दिया कि भविष्य में मामले के सिलसिले में पूछताछ के लिए उन्हें सात दिन पहले नोटिस दिया जाए।
अदालत ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई जनवरी 2027 में होगी।
मामले में शिकायकर्ता व्यापारी ने आरोप लगाया कि उसे मई 2025 में एक घर में बुलाया गया, जहां एक व्यक्ति ने खुद को आजाद का सहयोगी बताते हुए उससे पैसों की मांग की।
हालांकि, आजाद ने घटना की जानकारी होने से इनकार करते हुए कहा कि वह उस दिन दुर्गापुर में थे और अपने दावे के समर्थन में अदालत के समक्ष यात्रा दस्तावेज भी पेश किए।
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