भोपाल/कोटा, 17 अक्टूबर (भाषा) राजस्थान के कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शनिवार सुबह एक मिनी बस सड़क किनारे 15 फुट गहरे नाले में गिर गई, जिससे मध्य प्रदेश के कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और 16 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि हादसा सुबह करीब छह बजे सिमलिया थाना क्षेत्र में किलोमीटर पोल संख्या 384 के पास हुआ। दुर्घटना में जान गंवाने वालों में चार महिलाएं शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार आशंका है कि चालक को झपकी आने के कारण बस अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे नाले में जा गिरी। हालांकि, मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि बस शुक्रवार शाम करीब सात बजे भोपाल से 25 यात्रियों को लेकर रवाना हुई थी, सभी यात्री आपस में रिश्तेदार थे और भोपाल तथा बैतूल जिलों के रहने वाले थे।
पुलिस के अनुसार वे चार दिवसीय धार्मिक यात्रा पर जा रहे थे और उनका पहला पड़ाव राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम मंदिर था।
बैतूल के पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मृतकों में कुछ लोग बैतूल जिला मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर दूर स्थित घाटबिरोली गांव के निवासी थे।
पुलिस ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद बचाव अभियान शुरू किया गया, लेकिन नाले में जमा गाद और पानी के कारण राहत कार्य में बाधा आई और बस को बाहर निकालने व यात्रियों को बचाने के लिए क्रेन की मदद ली गई।
घायलों को कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच) और एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एनएमसीएच के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा और कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नीलेश जैन ने बताया कि आठ लोगों को मृत अवस्था में लाया गया, जबकि 16 घायलों को उपचार के लिए भर्ती किया गया।
कोटा ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर और अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (शहर) विनोद मल्होत्रा ने बताया कि हादसे में जीवित बचे लोगों की हालत खतरे से बाहर है। दोनों अधिकारियों ने बचाव अभियान की निगरानी की।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की।
मृतकों की पहचान बैतूल निवासी अरुणा, वैष्णवी (25), तृषा गोडके (22), कृष्णराव गोडके (55) और ओम सूर्यवंशी (26), भोपाल निवासी अनीता (50), बस चालक सचिन गिरि (27) और राजूराम भोड़के के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि घायलों में छह महिलाएं और दो नाबालिग लड़कियां शामिल हैं।
हादसे में घायल अंशिका ने बताया कि वह अपने चाचा-चाची और अन्य रिश्तेदारों के साथ यात्रा कर रही थी। उसने कहा कि दुर्घटना के समय अधिकतर यात्री सो रहे थे और संभवतः चालक को झपकी आने के कारण बस नाले में गिर गई।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने तथा अन्य सभी संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर घटना को अत्यंत दुखद और पीड़ादायक बताते हुए बाबा महाकाल से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोकाकुल परिवारों को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
भाषा सं दिमो
जोहेब
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