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Monday, 26 October, 2026
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देश में 107 चीनी मिलों में गन्ने की पेराई शुरू, घरेलू मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त भंडार: इस्मा

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नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर (भाषा) उद्योग संगठन भारतीय चीनी एवं जैव-ऊर्जा विनिर्माता संघ (इस्मा) ने सोमवार को कहा कि देश में अक्टूबर में शुरू हुए विपणन वर्ष 2026-27 के लिए अबतक 107 चीनी मिलों ने गन्ने की पेराई शुरू कर दी है। संगठन ने कहा कि देश में त्योहारी मांग को पूरा करने के लिए चीनी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।

भारत में चीनी की घरेलू मांग सालाना 280-285 लाख टन रहने का अनुमान है। इस्मा ने अभी तक विपणन वर्ष 2026-27 (अक्टूबर-सितंबर) के लिए चीनी उत्पादन का अनुमान जारी नहीं किया है।

भारतीय चीनी एवं जैव-ऊर्जा विनिर्माता संघ (इस्मा) ने बयान में कहा कि 2026-27 का चीनी सत्र देश के प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में तय समय पर शुरू हो गया है। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और गुजरात में अबतक 107 चीनी मिलों ने पेराई शुरू कर दी है।

महाराष्ट्र में करीब 87 मिलों में कामकाज शुरू हो चुका है। गन्ने की कटाई में तेजी आने के साथ आने वाले सप्ताहों में और मिलों के चालू होने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश में भी गन्ने की पेराई शुरू हो गई है और दो मिलें परिचालन में हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले तीन से चार दिन में पेराई शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद मध्य उत्तर प्रदेश और फिर गन्ने के परिपक्व होने पर पूर्वी उत्तर प्रदेश में पेराई शुरू होगी।

संगठन ने कहा, ”पेराई कार्य समय पर शुरू होना उद्योग, किसानों और राज्य प्रशासन की तैयारियों के साथ-साथ पेराई के लिए गन्ने की उपलब्धता बढ़ने को दर्शाता है।”

इस्मा ने बताया कि पिछला चीनी विपणन वर्ष 2025-26 करीब 36 लाख टन के शुरुआती भंडार के साथ समाप्त हुआ था। 25 अक्टूबर, 2026 तक चीनी का उत्पादन चार लाख टन रहा, जबकि पिछले साल इसी तारीख तक यह करीब 60 हजार टन था।

सरकार ने कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अवधि बढ़ा दी है और भंडारण की सीमा भी लागू की है।

संगठन ने कहा, ”ये उपाय, पहले से उपलब्ध भंडार और नए उत्पादन की शुरुआत के साथ मिलकर, त्योहारी अवधि में घरेलू खपत के लिए चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद करेंगे।”

इस्मा के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने कहा कि भारत के पास घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त से अधिक चीनी उपलब्ध है।

उन्होंने कहा, ”चीनी की उपलब्धता को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है। उद्योग उपभोक्ताओं के लिए नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने और किसानों को गन्ने का समय पर भुगतान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

बल्लानी ने कहा कि चीनी की कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, ”और मिलों के चालू होने से चीनी की उपलब्धता और बढ़ेगी। इससे घरेलू उपभोक्ताओं के लिए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की उद्योग की प्रतिबद्धता मजबूत होगी।”

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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