नयी दिल्ली, दो नवंबर (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने सोमवार को रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (रीट) और इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनविट) की यूनिट के मुकाबले डिपॉजिटरी रसीदें (डीआर) जारी करने की अनुमति दे दी। इस फैसले से इन निवेश माध्यमों को अधिक विदेशी पूंजी जुटाने में मदद मिलेगी।
डिपॉजिटरी रसीदें विदेशी मुद्रा में मूल्य वर्धित ऐसे माध्यम हैं, जिन्हें किसी विदेशी क्षेत्राधिकार में एक विदेशी डिपॉजिटरी द्वारा भारत में एक घरेलू कस्टोडियन के पास जमा प्रतिभूतियों के एवज में जारी किया जाता है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा जारी दो अलग-अलग परिपत्र के अनुसार, इस ढांचे के तहत रीट और इनविट नई यूनिट जारी कर सकते हैं या डीआर जारी करने के लिए यूनिटधारकों के पास मौजूद यूनिट के हस्तांतरण को आसान बना सकते हैं।
विदेशी मुद्रा में मूल्य वर्धित ये माध्यम भारत के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) – इंडिया इंटरनेशनल एक्सचेंज (इंडिया आईएनएक्स) और एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज पर अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज में सूचीबद्ध किए जाएंगे।
भाषा पाण्डेय अजय
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