मुंबई, 15 अक्टूबर (भाषा) रुपये में बृहस्पतिवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी जारी रही और यह अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 12 पैसे मजबूत होकर 95.05 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के विदेशी मुद्रा बाजार में लगातार किए जा रहे संरचनात्मक हस्तक्षेपों के असर के बीच घरेलू मुद्रा को समर्थन मिला।
कारोबारियों ने रुपये में लगातार आ रही मजबूती का श्रेय केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेप और डॉलर में तेजी की उम्मीद पर लगाए गए सौदों को वापस लेने को दिया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.95 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 94.86 के उच्च स्तर तक गया और 95.11 के निचले स्तर तक आया। कारोबार के अंत में रुपया 95.05 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा, जो पिछले बंद भाव से 12 पैसे की बढ़त है।
रुपया बुधवार को 19 पैसे मजबूत होकर 95.17 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
पिछले पांच कारोबारी सत्रों में रुपये में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले कुल 183 पैसे की तेजी आई है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, “कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, डॉलर में तेजी की उम्मीद पर लगाए गए सौदों को वापस लेने और घरेलू बाजार में जोखिम लेने की मजबूत धारणा से रुपये में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी जारी रही।”
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.57 प्रतिशत गिरकर 101.96 पर कारोबार कर रहा था।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का भाव वायदा कारोबार में 1.82 प्रतिशत घटकर 104.13 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 1,533.72 अंक चढ़कर 74,315.61 अंक पर, जबकि निफ्टी 374.65 अंक की बढ़त के साथ 22,997.35 अंक पर रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को शुद्ध रूप से 1,857.44 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
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यासिर अजय
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