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Monday, 26 October, 2026
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रुपया 22 पैसे टूटकर 95.15 प्रति डॉलर पर बंद

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मुंबई, 26 अक्टूबर (भाषा) पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के दबाव में डॉलर के मुकाबले रुपया सोमवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में नुकसान में रहा। इस दौरान रुपया 22 पैसे की गिरावट के साथ 95.15 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि डॉलर में मजबूती और अमेरिकी बॉण्ड प्रतिफल में मामूली वृद्धि के बीच रुपया कमजोर हुआ। हालांकि, घरेलू बाजारों में आई तेजी ने रुपये की गिरावट को सीमित किया।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.92 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह फिसलकर 95.26 प्रति डॉलर के दिन के निचले स्तर तक पहुंचा। रुपया अंत में 95.15 प्रति डॉलर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 22 पैसे की गिरावट है।

रुपया शुक्रवार को 12 पैसे टूटकर 94.93 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 77 पैसे कमजोर हो चुका है।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन के बीच भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के कारण रुपये का रुख कमजोर रहने की आशंका है। आपूर्ति संबंधी चिंताओं के बीच कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली भी रुपये पर दबाव डाल सकती है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का कोई भी हस्तक्षेप निचले स्तर पर रुपये को सहारा दे सकता है।’’

उन्होंने कहा कि हाजिर बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपये के 94.90 से 95.50 के दायरे में रहने के आसार हैं।

इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.01 प्रतिशत बढ़कर 101.82 पर रहा।

अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का भाव वायदा कारोबार में 1.41 प्रतिशत फिसलकर 115.08 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।

ब्रोकरेज मंच लेमन के शोध प्रमुख गौरव गर्ग ने कहा, ‘‘डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर के 94.30 से 95.50 के दायरे में रहने के आसार हैं। 95.50 से ऊपर लगातार बने रहने पर रुपये पर फिर से गिरावट का दबाव बढ़ने का संकेत मिलेगा, जबकि 94.30 से नीचे जाने पर रुपये की मजबूती आगे बढ़ सकती है। कुल मिलाकर, मुद्रा का परिदृश्य सतर्कता वाला बना हुआ है। तेल आपूर्ति से जुड़े जोखिम और वैश्विक ब्याज दरों का रुख, केंद्रीय बैंक के उपायों से मिलने वाले अल्पकालिक समर्थन पर भारी पड़ सकते हैं।’’

घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 482.92 अंक चढ़कर 73,606.75 अंक पर जबकि निफ्टी 153.20 अंक की बढ़त के साथ 22,753.20 अंक पर पहुंच गया।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने सोमवार को शुद्ध रूप से 1,462.49 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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