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Wednesday, 21 October, 2026
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रिलायंस की रिफाइनिंग क्षमता का लाभ लेने की कोशिश में अमेरिका, जामनगर पहुंचे रुबियो

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जामनगर (गुजरात), 21 अक्टूबर (भाषा) उद्योगपति मुकेश अंबानी के परिवार के लगभग सभी सदस्यों ने बुधवार को जामनगर में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो का स्वागत किया। रुबियो ने रिलायंस इंडस्ट्रीज की एक ही स्थान पर स्थित दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी का दौरा किया।

रुबियो जामनगर पहुंचने से एक दिन पहले भारत को कच्चे तेल के शोधन के मामले में एक ‘‘महाशक्ति’’ बता चुके हैं और उन्होंने यहां वेनेजुएला के कच्चे तेल का अधिक प्रसंस्करण करने की वकालत की थी।

इस दिन के कार्यक्रम में रिलायंस के वनतारा पशु बचाव केंद्र और समूह द्वारा विकसित की जा रही विशाल विनिर्माण इकाइयों का दौरा भी शामिल था।

विश्लेषकों के अनुसार, इस दौरे ने भारत-अमेरिका ऊर्जा कूटनीति के केंद्र में एक निजी औद्योगिक समूह को ला दिया है।

अधिकारियों ने अंबानी परिवार की मेजबानी में आयोजित कार्यक्रम को ‘‘निजी दौरा’’ बताया है। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका में मध्यावधि चुनावों से पहले डीजल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।

दोनों पक्षों की ओर से दौरे का कोई विवरण जारी नहीं किया गया।

दौरे से परिचित लोगों के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी, उनकी पत्नी नीता और बच्चों ईशा तथा अनंत ने रुबियो का स्वागत किया।

मुकेश अंबानी के बड़े पुत्र और जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी दूरसंचार कंपनी के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की शुरुआत की निगरानी कर रहे थे।

रिलायंस का जामनगर परिसर प्रतिदिन 14 लाख बैरल कच्चे तेल का प्रसंस्करण कर सकता है। यह दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे जटिल एकल-स्थल रिफाइनरी है। यहां से ईंधन का निर्यात होता है, जिससे यह वैश्विक आपूर्ति का एक प्रमुख केंद्र बन गया है।

रिलायंस के स्वामित्व वाले ‘नेटवर्क18’ को दिए साक्षात्कार में रुबियो ने कहा कि अमेरिका पश्चिमी गोलार्ध से आने वाली ऊर्जा के शोधन के मामले में रिलायंस के साथ अधिक निकटता से काम करना चाहता है। उन्होंने इसे दोनों देशों के लिए लाभकारी बताया।

रिलायंस पहले से ही अमेरिका की तेल कूटनीति में अहम भूमिका निभाती रही है। मामले से परिचित लोगों के अनुसार, अमेरिका के बाद रिलायंस वेनेजुएला के कच्चे तेल की सबसे बड़ी खरीदार है। यह ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका, भारत से अधिक तेल खरीदने का आग्रह कर रहा है।

रिलायंस की प्रस्तावित टेक्सास रिफाइनरी अमेरिका के साथ उसके ऊर्जा संबंधों को दोतरफा आयाम देती है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में घोषणा की थी कि रिलायंस टेक्सास के ब्राउन्सविले में प्रतिदिन 1,68,000 बैरल क्षमता वाली नई रिफाइनरी परियोजना बनाने में साझेदारी कर रही है।

विश्लेषकों के अनुसार, जहां अमेरिका, जामनगर में पश्चिमी गोलार्ध के कच्चे तेल का अधिक प्रसंस्करण कराने की कोशिश कर रहा है। वहीं भारतीय समूह भी अमेरिकी तेल का उसके स्रोत के करीब प्रसंस्करण करने की तैयारी कर रहा है।

यह संयंत्र अमेरिका में उत्पादित हल्के शेल कच्चे तेल के प्रसंस्करण के लिए तैयार किया जा रहा है। यदि यह परियोजना पूरी हो जाती है, तो करीब पांच दशक में अमेरिका की पहली बड़ी नई रिफाइनरी होगी।

रिफाइनरी के अलावा रुबियो ने वनतारा का भी दौरा किया।

रुबियो के दौरे का एक अन्य पड़ाव धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स था। यह जामनगर में रिलायंस का एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा विनिर्माण केंद्र है, जहां सौर ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, ईंधन सेल, इलेक्ट्रोलाइजर और बिजली से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का विनिर्माण किया जाएगा। इसे 5,000 एकड़ में 75,000 करोड़ रुपये (करीब 10 अरब अमेरिकी डॉलर) की अनुमानित लागत से विकसित किया जा रहा है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मंगलवार को मुंबई पहुंचे थे। वहां विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न मुद्दों पर उनके साथ व्यापक बातचीत की थी।

भाषा अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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