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Saturday, 7 November, 2026
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पाकिस्तान का विदेशी कर्ज एक दशक में करीब दोगुना होकर 135 अरब डॉलर परः रिपोर्ट

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इस्लामाबाद, छह नवंबर (भाषा) पाकिस्तान का कुल विदेशी कर्ज 2025 में समाप्त हुए दशक के दौरान लगभग दोगुना होकर 135.1 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। विश्व बैंक की ‘अंतरराष्ट्रीय ऋण रिपोर्ट 2026’ में यह जानकारी दी गई है।

समाचारपत्र ‘डॉन’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान का विदेशी कर्ज 2015 में 68.673 अरब डॉलर था, जो 2025 में बढ़कर 135.107 अरब डॉलर हो गया।

इस ऋण में 107.076 अरब डॉलर का सार्वजनिक एवं सरकार की गारंटी वाला कर्ज, 17.58 अरब डॉलर का निजी क्षेत्र का गैर-गारंटी वाला कर्ज और 10.45 अरब डॉलर का अल्पकालिक कर्ज शामिल है।

सार्वजनिक और सरकार की गारंटी वाले कुल कर्ज में से 56.83 अरब डॉलर बहुपक्षीय ऋणदाताओं, 42.43 अरब डॉलर द्विपक्षीय ऋणदाताओं और 7.8 अरब डॉलर निजी ऋणदाताओं का बकाया है।

चीन पाकिस्तान का सबसे बड़ा ऋणदाता है। पाकिस्तान पर चीन का 22.4 अरब अमेरिकी डॉलर का कर्ज बकाया है। इसके बाद विश्व बैंक का 19.2 अरब डॉलर और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) का 16.83 अरब डॉलर का कर्ज बकाया है।

चीन ने पाकिस्तान को दिए गए दो अरब डॉलर के कर्ज की भुगतान अवधि वर्ष 2025 में बढ़ाई थी। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने देश की दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता को समर्थन देने के लिए विस्तारित कोष सुविधा और लचीलापन एवं स्थिरता सुविधा के तहत 2.3 अरब डॉलर की नयी वित्तीय सहायता दी।

विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, कुल मिलाकर निम्न और मध्यम आय वाले देशों (एलएमआईसी) का विदेशी कर्ज 2025 में तेजी से बढ़ा। चार साल में विदेशी कर्ज में यह सबसे बड़ी वृद्धि थी। इसके साथ ही विकासशील देशों के बाजारों में निजी ऋणदाताओं की वापसी भी हुई।

भाषा यासिर प्रेम

प्रेम

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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