नयी दिल्ली, 13 नवंबर (भाषा) कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने सार्वजनिक परामर्श के लिए बीज विधेयक, 2025 का मसौदा जारी किया है और अंशधारकों से 11 दिसंबर तक टिप्पणियां आमंत्रित की हैं। मंत्रालय के एक बयान में यह जानकारी दी गई है।
प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य बीज अधिनियम, 1966 और बीज (नियंत्रण) आदेश, 1983 को प्रतिस्थापित करना है, जिससे बीज विनियमन समकालीन कृषि और बाज़ार की आवश्यकताओं के अनुरूप हो जाएगा।
विधेयक के मसौदे के प्रमुख उद्देश्यों में बीज की गुणवत्ता को विनियमित करना, किसानों की किफायती उच्च-गुणवत्ता वाले बीजों तक पहुंच सुनिश्चित करना, नकली उत्पादों को समाप्त करना, नवाचार के लिए बीज आयात को उदार बनाना और पारदर्शी आपूर्ति श्रृंखलाओं के माध्यम से किसानों के अधिकारों की रक्षा करना शामिल है।
मंत्रालय ने कहा कि विधेयक में अनुपालन के बोझ को कम करने के लिए छोटे अपराधों को अपराधमुक्त करने का प्रस्ताव है, जबकि गंभीर उल्लंघनों के लिए कड़े दंड को बरकरार रखा गया है। यह कदम सरकार की कारोबार सुगमता पहल के अनुरूप है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में संकेत दिया था कि मंत्रालय संसद के बजट सत्र के दौरान नया बीज विधेयक को पेश करेगा।
बयान में कहा गया है कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने विधेयक के अंतिम संस्करण को आकार देने में अंशधारकों की भागीदारी की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है।
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