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Thursday, 15 October, 2026
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शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह अबतक 13 प्रतिशत बढ़कर 13.38 लाख करोड़ रुपये, बजट लक्ष्य का 50 प्रतिशत

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नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (भाषा) शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह चालू वित्त वर्ष में अब तक 13.21 प्रतिशत बढ़कर करीब 13.38 लाख करोड़ रुपये रहा है। यह पूरे वित्त वर्ष के बजट लक्ष्य का लगभग 50 प्रतिशत है।

चालू वित्त वर्ष में एक अप्रैल से 14 अक्टूबर के बीच प्रत्यक्ष कर संग्रह बढ़ने का प्रमुख कारण कंपनी कर संग्रह में 20 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि है। कंपनियों को छोड़कर अन्य करदाताओं को दिए गए कर रिफंड में 67 प्रतिशत की वृद्धि के बावजूद यह बढ़ोतरी दर्ज की गई। अन्य करदाताओं में व्यक्ति, फर्म और हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) शामिल हैं।

चालू वित्त वर्ष में अब तक शुद्ध कंपनी कर संग्रह 20.58 प्रतिशत बढ़कर 5.99 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया, जबकि गैर-कंपनी कर संग्रह 5.83 प्रतिशत बढ़कर करीब 6.92 लाख करोड़ रुपये रहा।

प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) संग्रह चालू वित्त वर्ष में 14 अक्टूबर तक करीब 52 प्रतिशत बढ़कर 46,840 करोड़ रुपये रहा। बजट में पूरे वित्त वर्ष के लिए एसटीटी संग्रह का लक्ष्य 73,700 करोड़ रुपये है।

सकल आधार पर प्रत्यक्ष कर संग्रह 14 अक्टूबर तक 15 प्रतिशत बढ़कर 16.03 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसमें 7.53 लाख करोड़ रुपये का कंपनी कर संग्रह, 8.03 लाख करोड़ रुपये का गैर-कंपनी कर संग्रह और 46,840 करोड़ रुपये का एसटीटी संग्रह शामिल है।

सरकार ने चालू वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष करों से 26.97 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। यह वित्त वर्ष 2025-26 के 23.40 लाख करोड़ रुपये से 15 प्रतिशत अधिक है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के आंकड़ों के अनुसार, 14 अक्टूबर तक इस लक्ष्य का करीब 50 प्रतिशत यानी 13.38 लाख करोड़ रुपये हासिल कर लिया गया है।

प्राइस वॉटरहाउस के भागीदार हितेश साहनी ने कहा कि कर संग्रह के आंकड़े कर राजस्व में मजबूत वृद्धि और बेहतर अनुपालन को बताते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘शुद्ध कंपनी कर संग्रह में वृद्धि कारोबार के अच्छे प्रदर्शन का संकेत देती है, जबकि एसटीटी संग्रह में लगातार बढ़ोतरी वित्तीय बाजारों में निवेशकों की निरंतर भागीदारी को दर्शाती है। कर संग्रह के ये रुझान भारत की मजबूत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि के अनुरूप हैं।’’

सीबीडीटी के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में कंपनियों और गैर-कंपनी करदाताओं को जारी किए गए कर रिफंड सालाना आधार पर 24 प्रतिशत बढ़कर 2.65 लाख करोड़ रुपये रहे।

ईवाई इंडिया के कर भागीदार जयेश सांघवी ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के बजट अनुमान का करीब 50 प्रतिशत शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह पहले साढ़े छह महीने में हासिल हो जाने से लगता है कि सरकार का कर संग्रह सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘एसटीटी संग्रह में 51.6 प्रतिशत की वृद्धि से पता चलता है कि वैश्विक दबाव के बावजूद शेयर और वायदा-विकल्प बाजारों में गतिविधियां जारी हैं। इस वृद्धि को अप्रैल, 2026 से शेयर वायदा-विकल्प कारोबार पर लागू एसटीटी की बढ़ी हुई दरों से भी समर्थन मिला है।’’

ग्रांट थॉर्नटन भारत में कर भागीदार ऋचा साहनी ने कहा कि प्रत्यक्ष कर संग्रह के ताजा आंकड़े विभिन्न क्षेत्रों में कर राजस्व की अच्छी वृद्धि को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा कि खासकर गैर-कंपनी करदाताओं को दिए गए रिफंड में तेज वृद्धि भी महत्वपूर्ण है। इससे पता चलता है कि कर प्रशासन करदाताओं के दावों का तेजी से निपटान करने पर ध्यान दे रहा है।

भाषा रमण अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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