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Sunday, 19 April, 2026
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कारोबारी धारणा प्रभावित होने से बीते सप्ताह अधिकांश तेल-तिलहन के भाव में गिरावट

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नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) सटोरियों की सक्रियता बढ़ने के बीच कारोबारी धारणा प्रभावित रहने के कारण देश के तेल-तिलहन बाजारों में बीते सप्ताह अधिकांश तेल-तिलहनों के भाव गिरावट दर्शाते बंद हुए। इस दौरान सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल कीमतों में गिरावट दर्ज हुई। महाराष्ट्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊंचे दाम पर बिकवाली के कारण केवल सोयाबीन तिलहन के दाम में तेजी रही।

बाजार सूत्रों ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह के पहले के हफ्ते में जिस सोयाबीन डीगम तेल का दाम 1,360-65 डॉलर प्रति टन था वह अब घटकर 1,310-15 डॉलर प्रति टन रह गया। इसकी वजह से सोयाबीन तेल कीमतों में गिरावट देखने को मिली। वहीं, महाराष्ट्र में सरकारी एजेंसियों द्वारा बीते सप्ताह सोयाबीन तिलहन की एमएसपी से अधिक दाम पर बिक्री किये जाने से सोयाबीन तिलहन में सुधार आया।

सूत्रों ने कहा कि बाजार में सरसों की आवक के बारे में कुछ लोग व्यक्तिगत स्तर पर मनमाना अनुमान दे रहे हैं जिससे कारोबारी धारणा सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है। अभी सस्ते दाम पर खरीद करने के मकसद से आवक अनुमान के स्तर को बढ़ा-चढ़ाकर जताया जा रहा है लेकिन यही दाम जब बढ़ जायेंगे तो आवक का अनुमान भी घटाया जाने लगेगा। कारोबारी धारणा प्रभावित होने की वजह से बीते सप्ताह में सरसों तेल-तिलहन में गिरावट देखी गई।

उन्होंने कहा कि सरकार के लिए इस मौके पर सस्ते में उपलब्ध सरसों की खरीद कर स्टॉक बना लेना बेहतर रहेगा जो आड़े वक्त काम आयेगा। सटोरियों के हाथ फसल रही तो बाजार में उठा-पटक देखने को मिल सकती है। सरकार के हाथ सरसों का स्टॉक रहेगा तो बाजार तेज होने की स्थिति में सरकार बाजार हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाल सकेगी।

सूत्रों ने कहा कि ऊंचे दाम पर कामकाज कमजोर रहने के बीच बीते सप्ताह मूंगफली तेल-तिलहन में गिरावट दर्ज हुई। कारोबारी धारणा प्रभावित रहने के बीच बीते सप्ताह पाम-पामोलीन और बिनौला तेल में भी गिरावट दर्ज हुई।

सूत्रों ने बताया कि बीते सप्ताह सरसों दाना 75 रुपये की गिरावट के साथ 6,825-6,850 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। दादरी मंडी में बिकने वाला सरसों तेल 350 रुपये की गिरावट के साथ 14,150 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों पक्की और कच्ची घानी तेल का भाव क्रमश: 45-45 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 2,370-2,470 रुपये और 2,370-2,515 रुपये टिन (15 किलो) पर बंद हुआ।

समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन दाना और सोयाबीन लूज का थोक भाव क्रमश: 25-25 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 5,825-5,875 रुपये और 5,475-5,550 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

दूसरी ओर, दिल्ली में सोयाबीन तेल 675 रुपये की गिरावट के साथ 15,725 रुपये प्रति क्विंटल, इंदौर में सोयाबीन तेल 525 रुपये की गिरावट के साथ 15,425 रुपये और सोयाबीन डीगम तेल का दाम 800 रुपये की गिरावट के साथ 12,500 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

मूंगफली तिलहन का दाम 150 रुपये की गिरावट के साथ 6,900-7,375 रुपये क्विंटल, मूंगफली तेल गुजरात 500 रुपये की गिरावट के साथ 16,500 रुपये क्विंटल और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 75 रुपये की गिरावट के साथ 2,610-2,910 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ।

समीक्षाधीन सप्ताह में सीपीओ तेल का दाम 400 रुपये की गिरावट के साथ 12,950 रुपये प्रति क्विंटल, पामोलीन दिल्ली का भाव 300 रुपये टूटकर 15,100 रुपये प्रति क्विंटल तथा पामोलीन एक्स कांडला तेल का भाव भी 350 रुपये की गिरावट के साथ 13,850 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

गिरावट के आम रुख के अनुरूप, बिनौला तेल का दाम 200 रुपये के नुकसान के साथ 14,900 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

भाषा राजेश

अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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