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Saturday, 17 January, 2026
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मेटा छंटनी से प्रभावित एच-1बी वीजाधारकों को आव्रजन सहायता देगी

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(योषिता सिंह)

न्यूयॉर्क, नौ नवंबर (भाषा) फेसबुक की मूल कंपनी मेटा में बड़े पैमाने पर छंटनी के बीच एच-1बी जैसे कार्य वीजा वाले कर्मचारियों को अपनी आव्रजन स्थिति को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।

ऐसे में मेटा इन कर्मचारियों को आव्रजन सहायता देगी। कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने भी कहा है कि ”अगर आप यहां वीजा पर हैं, तो यह (छंटनी) आपके लिए खासतौर पर बेहद कठिन होगा।” इसके साथ ही उन्होंने प्रभावित लोगों को सहायता देने की पेशकश की।

अमेरिका स्थित प्रौद्योगिकी कंपनियां बड़ी मात्रा में एच-1बी कर्मचारियों को नियुक्त करती हैं, जिनमें से ज्यादातर भारत जैसे देशों से आते हैं।

एच-1बी वीजा गैर-अप्रवासी वीजा है, जिससे अमेरिकी कंपनियों को खास विशेषज्ञता वाले पेशेवरों को भर्ती करने की अनुमति मिलती है।

जुकरबर्ग ने कहा, ”मुझे पता है कि यदि आप यहां वीजा पर हैं, तो यह आपके लिए खासतौर से बेहद कठिन है… आपको और आपके परिवार को जो मदद चाहिए, उस बारे में आपका मार्गदर्शन करने के लिए हमारे पास आव्रजन विशेषज्ञ हैं।”

एच-1बी वीजाधारक तीन साल तक अमेरिका में रह सकते हैं और काम कर सकते हैं, जिसे आगे तीन साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।

यदि एच-1बी वीजाधारक अपनी नौकरी खो देते हैं, तो उनके पास अपने एच-1बी वीजा को प्रायोजित करने के इच्छुक कंपनी को खोजने के लिए केवल 60 दिनों का वक्त होता है। इस अवधि के दौरान नियोक्ता नहीं खोज पाने पर उन्हें अमेरिका छोड़ना पड़ता है।

फेसबुक एच-1बी ”निर्भर” कंपनी है, जिसका अर्थ है कि इसके 15 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी एच-1बी वीजा पर हैं।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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