नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर (भाषा) आभूषण ब्रांड जॉयलुक्कास ने सोमवार को कहा कि उसने 16.514 किलोग्राम वजन वाले सोने के हस्तनिर्मित झुमके का जोड़ा बनाया है। कंपनी ने बताया कि इस झुमके को दो खिताबों के साथ गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह मिली है। ये खिताब ‘सबसे भारी सोने के झुमके की जोड़ी’ और ‘सबसे बड़े झुमके की जोड़ी’ के लिए मिला है।
‘मयूर सहस्र’ नाम के इन 22-कैरेट सोने के झुमकों का अनावरण शनिवार, 24 अक्टूबर को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मरि ने दुबई गोल्ड डिस्ट्रिक्ट में जॉयलुक्कास के ‘ज्वेल ऑफ ज्वॉय’ में किया।
कंपनी ने एक बयान में कहा कि शुद्ध सोने का वजन पिछले रिकॉर्ड से पांच गुना से अधिक है, और दोनों खिताबों को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा सत्यापित किया गया है।
इसका डिजाइन भारतीय परंपरा में कृपा और गौरव के प्रतीक मोर पर आधारित है। यह एक ऐसे मोर की पौराणिक कथा को याद दिलाता है जिसने स्वर्ग के द्वार पर एक हजार पंख गिराए थे, जिनमें से प्रत्येक में एक प्रार्थना, इच्छा और सपना था।
कंपनी के काबिल कारीगरों ने कई महीनों की मेहनत के बाद दक्षिण एशियाई विरासत की पारंपरिक घंटी के आकार की झुमकी को गढ़ा।
इस जोड़ी को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा और ‘ज्वेल ऑफ ज्वॉय’ में स्थायी रूप से प्रदर्शित किया जाएगा, जिसे कंपनी पश्चिम एशिया में आभूषणों का सबसे बड़ा गंतव्य बताती है। सप्ताह के सात दिन सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक सभी आगंतुकों के लिए प्रवेश निःशुल्क है।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के एक निर्णायक ने जॉयलुक्कास ग्रुप के चेयरमैन जॉय अलुक्कास और कंपनी के सीईओ जॉन पॉल अलुक्कास को प्रमाण पत्र सौंपे।
जॉय अलुक्कास ने कहा, ”ये झुमके इस शहर को और उन कारीगरों को समर्पित हैं, जिनके हाथों ने एक असंभव विचार को सोने में बदल दिया।” उन्होंने इस उपलब्धि को यूएई को समर्पित किया। ये झुमके बिक्री के लिए नहीं हैं।
भाषा
पाण्डेय अजय
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