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Wednesday, 4 November, 2026
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अक्टूबर में भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियों में निवेश 24 प्रतिशत घटकर 59.25 करोड़ डॉलर रहाः रिपोर्ट

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नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियों में अक्टूबर के दौरान निवेश मासिक आधार पर 24.3 प्रतिशत घटकर 59.25 करोड़ डॉलर रह गया, जो पिछले 12 महीनों का सबसे निचला स्तर है। बुधवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

‘ट्रैक्सन’ की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियों ने 78.28 करोड़ डॉलर जुटाए थे।

हालांकि, अक्टूबर में निवेश सौदों की संख्या बढ़कर 104 हो गई, जो सितंबर में 81 थी। लेकिन इस दौरान बाद के चरण (लेट-स्टेज) में मिलने वाला निवेश 72 प्रतिशत घट गया।

सालाना आधार पर भी अक्टूबर में निवेश 56 प्रतिशत कम रहा। अक्टूबर, 2025 में प्रौद्योगिकी कंपनियों ने 135 करोड़ डॉलर जुटाए थे और निवेश के 180 सौदे हुए थे।

आंकड़ों के मुताबिक, लेट-स्टेज कंपनियों में निवेश सितंबर के 53.98 करोड़ डॉलर से घटकर अक्टूबर में 15.3 करोड़ डॉलर रह गया। अक्टूबर, 2025 में यह 87.74 करोड़ डॉलर था।

इसके विपरीत, शुरुआती चरण (अर्ली-स्टेज) वाली कंपनियों में निवेश मासिक आधार पर 114 प्रतिशत बढ़कर 36.16 करोड़ डॉलर हो गया जबकि सितंबर में यह 16.86 करोड़ डॉलर था। सालाना आधार पर भी इसमें 10.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अक्टूबर में कुल निवेश में अर्ली-स्टेज कंपनियों की हिस्सेदारी 61 प्रतिशत रही।

एकदम शुरुआती दौर (सीड-स्टेज) की कंपनियों में निवेश सितंबर के 7.43 करोड़ डॉलर से 4.8 प्रतिशत बढ़कर 7.79 करोड़ डॉलर हो गया। हालांकि, अक्टूबर 2025 के 14.26 करोड़ डॉलर की तुलना में यह 45.4 प्रतिशत कम रहा।

समीक्षाधीन महीने में सबसे अधिक पांच करोड़ डॉलर का निवेश बेंगलुरु की स्वास्थ्य बीमा कंपनी ‘ईवन’ ने जुटाया। वाहन कलपुर्जों और सर्विस क्षेत्र के मंच माईटीवीएस ने 4.41 करोड़ डॉलर, खेल एवं फिटनेस ब्रांड बोल्डफिट ने 4.15 करोड़ डॉलर, स्वास्थ्य सेवा कंपनी बाबा ने चार करोड़ डॉलर और इलेक्ट्रिक परिवहन समाधान प्रदाता ग्रीनसेल मोबिलिटी ने 3.45 करोड़ डॉलर जुटाए।

अक्टूबर में 12 प्रौद्योगिकी कंपनियां शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुईं, जबकि सितंबर में पांच और अक्टूबर, 2025 में नौ कंपनियां सूचीबद्ध हुई थीं। सूचीबद्ध होने वाली कंपनियों में जेटवर्क, टोंबो इमेजिंग और एसएमटी शामिल हैं।

इस दौरान कंपनियों के अधिग्रहण की संख्या सितंबर के ही बराबर छह रही जबकि एक साल पहले अक्टूबर में आठ अधिग्रहण हुए थे। घोषित सौदे की राशि के लिहाज से सबसे बड़ा अधिग्रहण एटलसक्लियर ने किया, जिसने एआरके फाइनेंशियल सर्विसेज को 2.45 करोड़ डॉलर में खरीदा।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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