नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर (भाषा) भारत ने घरेलू कंपनियों की शिकायत के बाद चीन, इंडोनेशिया और वियतनाम से कुछ इस्पात वस्तुओं की कथित डंपिंग की जांच शुरू कर दी है।
वाणिज्य मंत्रालय की इकाई व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) ने इन तीन देशों से ”300 और 400 श्रृंखला के कोल्ड रोल्ड फ्लैट उत्पादों” के आयात की एंटी-डंपिंग जांच शुरू कर दी है।
भारतीय स्टेनलेस स्टील डेवलपमेंट एसोसिएशंस (आईएसएसडीए) ने घरेलू कंपनियों की ओर से इसके लिए एक आवेदन किया है।
आवेदक ने आरोप लगाया कि डंपिंग से उन पर असर पड़ा है। उन्होंने उक्त देशों से इन वस्तुओं के आयात पर एंटी-डंपिंग शुल्क लगाने का अनुरोध किया है।
डीजीटीआर ने एक अधिसूचना में कहा, ”घरेलू उद्योग के विधिवत प्रमाणित आवेदन के आधार पर, और उनके द्वारा दिए गए प्रथम दृष्टया साक्ष्यों से संतुष्ट होकर प्राधिकरण कथित डंपिंग की जांच शुरू करता है।”
डीजीटीआर डंपिंग की मौजूदगी, उसकी मात्रा और प्रभाव का आकलन करेगा।
यदि यह साबित हो जाता है कि डंपिंग से घरेलू कंपनियों को वास्तविक नुकसान हुआ है, तो डीजीटीआर इन सभी वस्तुओं के आयात पर शुल्क लगाने की सिफारिश करेगा।
शुल्क लगाने का अंतिम निर्णय वित्त मंत्रालय करता है।
भाषा पाण्डेय रमण
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