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Friday, 1 May, 2026
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भारत को जवाबी शुल्क से निपटने के लिए ‘शून्य के लिए शून्य’ रणनीति अपनानी चाहिए: जीटीआरआई

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नयी दिल्ली, 21 फरवरी (भाषा) शोध संस्थान जीटीआरआई ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत को अमेरिका के प्रस्तावित जवाबी शुल्क से निपटने के लिए अमेरिका के सामने ‘शून्य के लिए शून्य’ शुल्क रणनीति का प्रस्ताव रखना चाहिए।

रिपोर्ट में कहा गया कि ऐसा करना पूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत करने से कम नुकसानदायक होगा।

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने सरकार को सुझाव दिया कि ‘शून्य के लिए शून्य’ रणनीति के तहत ऐसे उत्पाद श्रेणियों की पहचान करनी चाहिए, जहां घरेलू उद्योगों और कृषि को नुकसान पहुंचाए बिना अमेरिकी आयातों के लिए आयात शुल्क खत्म किया जा सकता है।

इसके बदले में, अमेरिका को भी समान संख्या में वस्तुओं पर शुल्क हटा देना चाहिए।

भारत इस सूची से ज्यादातर कृषि वस्तुओं को बाहर कर सकता है।

जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि इस सूची पर अमेरिका के साथ अप्रैल से पहले, उसके जवाबी शुल्क की घोषणा करने से पहले चर्चा की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह कुछ वस्तुओं के लिए तत्काल एफटीए करने जैसा होगा और यदि अमेरिका इसे स्वीकार करता है, तो भारत के लिए जवाबी शुल्क बहुत कम या शून्य के करीब हो सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है, ”भारत तेज शुल्क वृद्धि को रोकने के लिए 90 प्रतिशत औद्योगिक वस्तुओं पर शुल्क को खत्म करते हुए अमेरिका के सामने ‘शून्य के लिए शून्य’ रणनीति का प्रस्ताव रख सकता है।”

रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘शून्य के लिए शून्य’ शुल्क रणनीति विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों का उल्लंघन करती है, लेकिन यह पूर्ण एफटीए पर बातचीत करने की तुलना में कम हानिकारक है।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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