(फाइल फोटो के साथ)
पणजी, 28 अक्टूबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को कहा कि भारत वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है।
उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ पहल और कौशल विकास से देश की औद्योगिक क्षमताओं का विस्तार हो रहा है। उन्होंने मोबाइल फोन विनिर्माण में वृद्धि का भी उल्लेख किया।
गोवा में युवाओं से बातचीत करते हुए नवीन ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी ने कई औद्योगिक क्षेत्रों में विनिर्माण की वृद्धि को गति दी थी। उन्होंने इस गति को बनाए रखने के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने के महत्व पर जोर दिया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और भाजपा की गोवा इकाई के अध्यक्ष दामोदर नाइक भी मौजूद थे।
नवीन ने कहा कि भारत को लंबे समय तक मुख्य रूप से जनशक्ति और कच्चे माल के स्रोत के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन कौशल विकास पर जोर देने से देश को अपनी विनिर्माण क्षमताएं विकसित करने तथा वैश्विक स्तर पर अधिक पहचान हासिल करने में मदद मिल रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘पहले भारत को जनशक्ति और कच्चे माल के स्रोत के रूप में देखा जाता था। कुशल श्रमिकों की कमी के कारण हमें वह पहचान, सम्मान और स्थान नहीं मिला जिसके हम हकदार थे।’’
नवीन ने ‘मेक इन इंडिया’ पहल से आए बदलावों के उदाहरण के रूप में मोबाइल फोन विनिर्माण में वृद्धि का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण करने वाला देश बनकर उभरा है।
उन्होंने कहा कि विनिर्माण का विस्तार करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कुशल कार्यबल तैयार करना महत्वपूर्ण है कि भारत की औद्योगिक वृद्धि से उसके लोगों के लिए अधिक अवसर पैदा हों।
कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौर को याद करते हुए नवीन ने कहा कि कई औद्योगिक क्षेत्रों में तेजी से वृद्धि हुई थी। उन्होंने महामारी के दौरान बिहार जैसे राज्यों के कुशल श्रमिकों को लेकर मुख्यमंत्री सावंत के साथ हुई बातचीत का भी जिक्र किया।
नवीन ने केंद्रीय बजट में विनिर्माण को समर्थन देने के लिए करीब 20,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित आवंटन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य वाहन कलपुर्जों और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में घरेलू उत्पादन को मजबूत करना है। विनिर्माण पर सरकार के जोर से भारतीयों में देश में बने उत्पादों के प्रति गर्व की भावना बढ़ रही है और घरेलू उत्पादन को लेकर उत्साह पैदा हो रहा है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ पहल ने भारत की औद्योगिक क्षमता को लेकर धारणा बदलने में मदद की है और इससे वैश्विक विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखलाओं में देश की स्थिति और मजबूत हो सकती है।
सरकार ने अगस्त में बताया था कि देश में इस्तेमाल किए जा रहे 99.2 प्रतिशत मोबाइल फोन भारत में बने हैं। साथ ही स्मार्टफोन 2025 में भारत की सबसे बड़ी निर्यात उत्पाद श्रेणी बनकर उभरे थे और उन्होंने डीजल ईंधन तथा तराशे हुए हीरों जैसे पारंपरिक निर्यात उत्पादों को पीछे छोड़ दिया था।
भाषा निहारिका मनीषा
मनीषा
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