नयी दिल्ली, 10 नवंबर (भाषा) जीएसटी अधिकारियों ने बीते दो साल में 55,575 करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ है और इन मामलों में 700 से अधिक लोगों को सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
माल एवं सेवा कर आसूचना महानिदेशालय (डीजीजीआई) के अधिकारियों ने 22,300 से अधिक फर्जी जीएसटी पहचान संख्या (जीएसटीआईएन) का पता लगाया।
वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति किए बिना और फर्जी बिल जारी करके इनपुट कर क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लेने और इस तरह जीएसटी चोरी करने वालों के खिलाफ सरकार ने नौ नवंबर 2020 को राष्ट्रव्यापी विशेष अभियान चलाया था।
एक अधिकारी ने बताया, ‘‘इस विशेष अभियान को दो वर्ष हुए हैं और इस दौरान 55,575 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का पता चला। 719 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनमें से 20 पेशेवर सीए/सीएस हैं।’’
इस अवधि में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में 3,050 करोड़ रुपये का स्वैच्छिक जमा करवाया गया।
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