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Friday, 1 May, 2026
होमदेशअर्थजगतहरित इमारतों को मिलता ज्यादा किराया, पर कार्यालय स्थलों में महज 44 फीसदी पर्यावरण अनुकूल: रिपोर्ट

हरित इमारतों को मिलता ज्यादा किराया, पर कार्यालय स्थलों में महज 44 फीसदी पर्यावरण अनुकूल: रिपोर्ट

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नयी दिल्ली, छह सितंबर (भाषा) देश के सात प्रमुख शहरों में विभिन्न सुविधाओं से लैस कुल कार्यालय स्थलों में से महज 44 फीसदी ही हरित श्रेणी में आते हैं। हालांकि यह अलग बात है कि पर्यावरण अनुकूल इन इमारतों को औसतन 36 फीसदी अधिक किराया मिलता है। संपत्ति सलाहकार जेएलएल की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

जेएलएल इंडिया ने ‘भारत के कार्यालय बाजार में हरित इमारतों की हिस्सेदारी’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा कि सात प्रमुख शहरों मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे और कोलकाता में ग्रेड-ए कार्यालय स्थल (विभिन्न सुविधाओं से युक्त महंगे कार्यालय) 73.2 करोड़ वर्गफुट क्षेत्र में है जिनमें से सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र की हिस्सेदारी 52.2 करोड़ वर्गफुट और अन्य क्षेत्र की हिस्सेदारी 21 करोड़ वर्गफुट है।

जेएलएल इंडिया ने कहा, ‘‘भारत में कुल 32.1 करोड़ वर्गफुट का ग्रेड-ए कार्यालय स्थल हरित प्रमाणित है। यह सात शहरों में कुल 73.2 करोड़ वर्गफुट के ग्रेड-ए (प्रीमियम) कार्यालय स्थल का 43.8 फीसदी है।’’

भारत में सबसे लोकप्रिय हरित प्रमाणन/ रेटिंग प्रणाली यूएसजीबीसी एलईईडी, आईजीबीसी, गृहा और ईडीजीई है।

रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘भारत के ग्रेड-ए कार्यालय स्थल में करीब 23.5 करोड़ वर्गफुट प्रमाणित एलईईडी गोल्ड है या उन्हें इससे बड़ा प्रमाणन प्राप्त है।’’

आंकड़ों के अनुसार हरित प्रमाणित इमारतों में सबसे ज्यादा 6.7 करोड़ वर्गफुट दिल्ली-एनसीआर में, इसके बाद 6.6 करोड़ वर्गफुट मुंबई में है।

भाषा मानसी रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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