नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 92 गीगावाट घंटा ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने की परियोजना को व्यावहारिक बनाने के लिए 14,500 करोड़ रुपये के वित्तपोषण को मंजूरी दी। यह योजना पांच साल साल यानी वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए है।
यह निर्णय 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने के देश के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यहां संवाददाताओं से कहा कि इस योजना का उद्देश्य तीन प्रौद्योगिकियों के तहत कुल 92 गीगावाट घंटे की भंडारण क्षमता विकसित करना है। इसमें बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली के तहत 30 गीगावाट घंटे, पंप स्टोरेज परियोजनाओं के तहत 60 गीगावाट घंटे और उभरती भंडारण प्रौद्योगिकियों के तहत दो गीगावाट घंटे की क्षमता विकसित की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि यह योजना पांच साल तक यानी 2030-31 तक लागू रहेगी।
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