मुंबई, आठ अप्रैल (भाषा) निजी क्षेत्र के आवासीय ऋणदाता एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख ने शनिवार को कहा कि वैश्विक प्रतिकूलताओं की वजह से भारत की आर्थिक वृद्धि दर के सुस्त पड़ने की आशंका होने के बावजूद देश दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में कहीं अधिक जुझारू है।
पारेख ने एसपीजेआईएमआर के ‘सेंटर फॉर फेमिली बिज़नेस एंड आंत्रप्रेन्योरशिप’ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत वैश्विक आघातों के असर से मुक्त नहीं है लेकिन दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में इसने कहीं अधिक जुझारूपन दिखाया है।
उन्होंने कहा, ‘वैश्विक प्रतिकूलताओं की वजह से निश्चित तौर पर भारत के सकल आर्थिक उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर सुस्त होगी।’
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्थिरता, टीका सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, घरेलू खपत पर आधारित सशक्त अर्थव्यवस्था, डिजिटलीकरण के लिए उठाए गए कदम और वित्तीय क्षेत्र के लिए एक मजबूत नियामकीय प्रणाली के रूप में भारत के पास पर्याप्त अनुकूलताएं हैं।
पारेख ने कहा कि देश में स्टार्टअप के लिए मददगार परिवेश होने से भारत में उद्यमिता में जबर्दस्त बढ़ोतरी हुई है और आज के समय में भारत स्टार्टअप की संख्या के मामले में अमेरिका एवं चीन के बाद तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।
उन्होंने कहा, ‘हाल के समय में भू-राजनीति का भू-अर्थशास्त्र पर दबदबा रहा है और व्यापार, सेवाओं, प्रौद्योगिकी, पूंजी प्रवाह और श्रमबल की आवाजाही पर भी इसका असर देखने को मिला है।’
इस समारोह में मौजूद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश को शिक्षा एवं शोध के केंद्रों की जरूरत है जो युवाओं का मार्गदर्शन करने के साथ उन्हें समुचित नजरिया भी दे सकें।
गडकरी ने कहा, ‘देश को सही मायनों में आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऐसी प्रौद्योगिकी के विकास की जरूरत है जो आयात घटाने में मदद कर सके।’ उन्होंने युवा उद्यमियों से ग्रामीण एवं आदिवासी इलाकों पर खास ध्यान देने का अनुरोध भी किया।
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