मुंबई, 13 नवंबर (भाषा) रत्न एवं आभूषण उद्योग ने बृहस्पतिवार को सरकार की 45,060 करोड़ रुपये की योजनाओं का स्वागत किया, जो निर्यातकों को अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात खेप पर लगाए गए उच्च शुल्क के प्रभाव से निपटने में मदद करेंगी।
सरकार ने बुधवार को 25,060 करोड़ रुपये के निर्यात संवर्धन मिशन को मंजूरी दी थी, जिसका उद्देश्य, विशेष रूप से एमएसएमई, पहली बार निर्यात करने वाले और श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए, भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करना है।
दूसरी योजना – निर्यातकों के लिए ऋण गारंटी योजना (सीजीएसई) है – जो निर्यातकों को 20,000 करोड़ रुपये तक की गारंटीमुक्त ऋण सहायता सुनिश्चित करती है।
रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) के चेयरमैन किरीट भंसाली ने बयान में कहा, ‘‘हम निर्यात संवर्धन मिशन (ईपीएम) के तहत रत्न एवं आभूषण क्षेत्र को प्राथमिकता वाले उद्योगों में शामिल करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं। इसके लिए वर्ष 2025-26 से वर्ष 2030-31 तक कुल 25,060 करोड़ रुपये का परिव्यय निर्धारित किया गया है। यह दूरदर्शी पहल ऐसे महत्वपूर्ण समय में आई है, जब उद्योग वैश्विक चुनौतियों और चुनौतीपूर्ण बाजार गतिशीलता से जूझ रहा है। इससे व्यापार करने में आसानी बढ़ेगी और भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता मज़बूत होगी।’’
भाषा राजेश राजेश अजय
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