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नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) वाहन उद्योग ने बजट में कृषि पर विशेष ध्यान और वेतनभोगियों को कर राहत दिए जाने से मांग में तेजी आने की उम्मीद जताते हुए शनिवार को कहा कि इसका वाहन उद्योग पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
वाहन विनिर्माता कंपनियों के निकाय सियाम ने शनिवार को संसद में पेश 2025-26 के बजट पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि सरकार दीर्घकालिक टिकाऊ आर्थिक वृद्धि पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
सोसायटी ऑफ ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स (सियाम) के अध्यक्ष शैलेश चंद्र ने एक बयान में कहा, ‘ग्रामीण समृद्धि और कृषि पर विशेष ध्यान, व्यक्तिगत आयकर में संशोधन के साथ इस बजट से वाहन उद्योग पर सकारात्मक प्रभाव डालने की उम्मीद है। यह बजट मांग पैदा करने में मदद करेगा।’
उन्होंने कहा कि स्वच्छ परिवहन की दिशा में कदम बढ़ा रहे उद्योग को ‘राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन’ से लाभ होगा, जो बैटरी, मोटर और नियंत्रकों के लिए स्वच्छ तकनीक विनिर्माण का समर्थन करता है।
वाहन कलपुर्जा उद्योग के निकाय एक्मा ने केंद्रीय बजट को दूरदर्शी और विकास-केंद्रित बताया है। एक्मा की अध्यक्ष श्रद्धा सूरी मारवाह ने कहा, ‘एमएसएमई, नवाचार, निर्यात और आपूर्ति शृंखला के जुझारूपन पर ध्यान देने से वाहन कलपुर्जा उद्योग को एक मजबूत प्रोत्साहन मिलेगा।’
वाहन डीलरों के संगठन फाडा ने कहा कि आयकर छूट सीमा बढ़ाए जाने से दोपहिया, यात्री वाहनों और इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग सीधे तौर पर बढ़ेगी क्योंकि उपभोक्ताओं के पास नए वाहन खरीदने के लिए अधिक खर्च-योग्य आय होगी।
देश की सबसे बड़ी दोपहिया कंपनी हीरो मोटोकॉर्प के कार्यकारी चेयरमैन पवन मुंजाल ने कहा कि केंद्रीय बजट विनिर्माण, हरित परिवहन और ग्रामीण सशक्तिकरण के लिए साहसिक कदम उठाने के साथ भारत के वृद्धि इंजन को गति देने का काम करता है।
महिंद्रा समूह के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक (एमडी) अनीश शाह ने कहा कि बजट निजी क्षेत्र के पूंजीगत व्यय को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने कहा, ‘इस बजट में ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ का विषयवस्तु है जिसमें भारत की विनिर्माण लागत को कम करने के प्रयासों से देश की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।’
टाटा मोटर्स के कार्यकारी निदेशक गिरीश वाघ ने कहा कि बैटरी निर्माण के लिए प्रमुख सामग्रियों पर बुनियादी सीमा शुल्क हटाना घरेलू ईवी उत्पादन को बढ़ावा देने, एक स्थायी पारिस्थितिकी के प्रोत्साहन और भारत को हरित अर्थव्यवस्था में बदलने के लिए एक रणनीतिक कदम है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में लिथियम-आयन बैटरी के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले पूंजीगत उत्पादों पर शुल्क छूट बढ़ाने का प्रस्ताव रखा।
लक्जरी वाहन विनिर्माता मर्सिडीज-बेंज इंडिया के एमडी एवं सीईओ संतोष अय्यर ने कहा कि इस बजट से उद्योग को एक मजबूत सकारात्मक संकेत मिलेगा और निरंतर निवेश एवं भविष्य के विस्तार का मार्ग प्रशस्त होगा।
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के भारत प्रमुख विक्रम गुलाटी ने कहा कि पूंजीगत व्यय के लिए बढ़ा हुआ आवंटन बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो उद्योगों में वृद्धि तेज करने और वाहन क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता सुधारने का एक महत्वपूर्ण कारक है।
भाषा प्रेम प्रेम अनुराग
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