नयी दिल्ली, 16 अगस्त (भाषा) वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में यूरोप भारतीय इलेक्ट्रिक मोटर कारों के निर्यात के लिए शीर्ष गंतव्य के रूप में उभरा है। इसके अलावा ब्रिटेन दूसरा सबसे बड़ा बाजार बनकर उभरा।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत के इलेक्ट्रिक मोटर कारों के निर्यात में भारी उछाल आया। निर्यात आय एक वर्ष पहले के 2.22 करोड़ डॉलर से बढ़कर 36.9 करोड़ डॉलर हो गई, जबकि वाहनों का निर्यात 1,309 इकाइयों से उछलकर 10,802 वाहनों पर पहुंच गया। यह भारत के इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग की बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है।
एक अधिकारी ने बताया कि यह वृद्धि भारत में बने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता और टिकाऊ गतिशीलता समाधानों के लिए देश के एक महत्वपूर्ण उत्पादन केंद्र के रूप में उभरने को दर्शाती है।
भाषा पाण्डेय
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