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Saturday, 17 January, 2026
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विदेशी बाजारों में गिरावट से खाद्य तेल-तिलहनों के भाव घटे

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नयी दिल्ली, नौ नवंबर (भाषा) विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को सरसों तिलहन, सोयाबीन, मूंगफली तेल- तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल सहित लगभग सभी तेल- तिलहन कीमतों में गिरावट दर्ज हुई।

कारोबारी सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में 4-5 प्रतिशत की गिरावट आई। जबकि शिकॉगो एक्सचेंज कल रात 1.5 प्रतिशत की गिरावट के बाद फिलहाल लगभग आधा प्रतिशत नीचे है।

सूत्रों ने कहा कि मलेशिया के हाजिर कारोबार में खाद्य तेल का भाव 10 डॉलर टूटा है। उन्होंने कहा कि विदेशों में सोयाबीन डीगम तेल का भाव 300 रुपये क्विंटल कम हुआ है पर सरकार की कोटा प्रणाली की वजह से देश में कम आपूर्ति की स्थिति के कारण सोयाबीन डीगम में उतनी गिरावट नहीं है जितनी आनी चाहिये थी। इस तेल में मामूली गिरावट ही आई है।

गुजरात की कृष्णा ग्लोबल इंडस्ट्रीज ने सरकार के खाद्य तेलों के शुल्कमुक्त आयात के लिए कोटा प्रणाली व्यवस्था को खाद्य तेल कीमतों में वृद्धि का कारण बताते हुए इस व्यवस्था को समाप्त कर सभी के लिए आयात खोलने की मांग की है। सरकार के इस फैसले से न तो किसान, न तेल उद्योग और न ही उपभोक्ताओं को कोई फायदा हो रहा है। सरकार को इस मसले पर ध्यान देते हुए तत्काल कोई फैसला करना होगा और बाजार में ‘शॉर्ट सप्लाई’ की स्थिति को काबू करना होगा क्योंकि आगे जाकर शादी-विवाह के मौसम और जाड़े की मांग बढ़ना तय है।

सूत्रों ने कहा कि बुधवार को मंडियों में सोयाबीन और मूंगफली की आवक बढ़ी है जिससे खाद्य तेल कीमतों में गिरावट को बल मिला।

सूत्रों ने कहा कि तेल संगठनों को भी सरकार के साथ बैठक के दौरान उन्हें जमीनी हकीकत के बारे में बताना चाहिये कि खाद्य तेलों के आयात की कोटा व्यवस्था के कारण ही ‘शॉर्ट सप्लाई’ की स्थिति पैदा हुई है और खाद्य तेलों के दाम सस्ता होने की जगह बढ़ गये हैं।

सूत्रों ने कहा कि खाद्य तेलों की घट- बढ़ और अनिश्चितता से बचने का एक रास्ता ही है कि किसानों को भरपूर प्रोत्साहन देकर देश में खाद्य तेलों का उत्पादन बढ़ाया जाये जिसके लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि किसानों को उनकी फसल के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित किया जाये।

बुधवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 7,425-7,475 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 6,800-6,860 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 15,600 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,515-2,775 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 15,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,310-2,440 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,380-2,495 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी – 18,800-20,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 15,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,850 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 13,550 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 9,300 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,400 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 10,800 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 9,800 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 5,600-5,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज 5,410-5,460 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का) 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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