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Thursday, 15 October, 2026
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चालू खाते का घाटा अगस्त में कम होकर 5.2 अरब डॉलर पर: आरबीआई आंकड़े

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मुंबई, 15 अक्टूबर (भाषा) भारत का चालू खाते का घाटा (कैड) अगस्त में कम होकर 5.2 अरब डॉलर रहा, जो एक साल पहले इसी महीने में 6.1 अरब डॉलर था। मुख्य रूप से वस्तु व्यापार घाटे में कमी और सेवा व्यापार में अधिशेष से चालू खाते का घाटा कम हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के बृहस्पतिवार को जारी प्रारंभिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली।

वस्तु व्यापार खाते का शुद्ध घाटा अगस्त में कम होकर 26.6 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल इसी महीने में 27.6 अरब डॉलर था।

आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, वस्तुओं का निर्यात अगस्त में बढ़कर 44.7 अरब डॉलर हो गया, जो एक साल पहले 35.1 अरब डॉलर था। वहीं, आयात बढ़कर 71.3 अरब डॉलर हो गया जो एक साल पहले इसी महीने में 62.7 अरब डॉलर था।

सेवा व्यापार में अधिशेष अगस्त में बढ़कर 16.5 अरब डॉलर रहा, जो एक साल पहले इसी महीने में 15.6 अरब डॉलर था। सेवा निर्यात बढ़कर 35.5 अरब डॉलर हो गया, जो एक साल पहले 31.2 अरब डॉलर था। वहीं आयात इस दौरान 15.6 अरब डॉलर से बढ़कर 18.9 अरब डॉलर रहा।

धन प्रेषण यानी विदेशों से भेजा जाने वाला पैसे सहित शुद्ध हस्तांतरण बढ़कर अगस्त में 12.8 अरब डॉलर हो गया, जो एक साल पहले 12.2 अरब डॉलर था। वहीं, आय खाते का शुद्ध घाटा बढ़कर आठ अरब डॉलर हो गया, जो पिछले साल इसी महीने में 6.3 अरब डॉलर था।

आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-अगस्त के दौरान चालू खाते का घाटा बढ़कर 18.3 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 12.8 अरब डॉलर था।

पांच महीने की अवधि में वस्तु व्यापार घाटा बढ़कर 146 अरब डॉलर हो गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 124.7 अरब डॉलर था। हालांकि, सेवा व्यापार में अधिशेष 79.9 अरब डॉलर से बढ़कर 85.8 अरब डॉलर हो गया।

इस अवधि में शुद्ध हस्तांतरण भी बढ़कर 66.8 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 55.6 अरब डॉलर था।

पूंजी खाते में अगस्त के दौरान शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 3.3 अरब डॉलर रहा, जबकि एक साल पहले इसी महीने में शुद्ध रूप से 10 करोड़ डॉलर की निकासी हुई थी।

इसी तरह, अगस्त में शुद्ध विदेशी पोर्टफोलियो निवेश 1.7 अरब डॉलर रहा, जबकि अगस्त, 2025 में 2.6 अरब डॉलर की निकासी हुई थी।

बैंकिंग पूंजी के तहत अगस्त में 64.7 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश आया, जबकि एक साल पहले इसी महीने में 4.7 अरब डॉलर की निकासी हुई थी।

प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) की जमा राशि शुद्ध रूप से 83 अरब डॉलर रही, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह एक अरब डॉलर थी।

भुगतान संतुलन में अगस्त में कुल मिलाकर 45.4 अरब डॉलर का अधिशेष दर्ज किया गया, जबकि एक साल पहले इसी महीने में 5.6 अरब डॉलर का घाटा था।

भुगतान संतुलन में अप्रैल-अगस्त, 2026 के दौरान कुल 58 अरब डॉलर का अधिशेष रहा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 80 करोड़ डॉलर का घाटा दर्ज किया गया था।

भाषा रमण अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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