scorecardresearch
Monday, 2 November, 2026
होमदेशअर्थजगतक्रिप्टो एक्सचेंज 'बाइनेंस' में सबसे बड़ी चोरी के बाद ग्राहकों ने 3.6 अरब डॉलर निकाले

क्रिप्टो एक्सचेंज ‘बाइनेंस’ में सबसे बड़ी चोरी के बाद ग्राहकों ने 3.6 अरब डॉलर निकाले

Text Size:

न्यूयॉर्क, दो नवंबर (भाषा) दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज ‘बाइनेंस’ से सबसे बड़ी चोरी होने के बाद ग्राहकों ने 3.6 अरब डॉलर की क्रिप्टो परिसंपत्तियां निकाल ली हैं। इस चोरी के पीछे उत्तर कोरिया का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बाइनेंस ने बृहस्पतिवार को 6.3 अरब डॉलर की चोरी होने के बाद सभी लेनदेन रोक दिए थे। ऐसे में रविवार को एक्सचेंज में कारोबार दोबारा शुरू होने पर घबराए ग्राहकों ने 3.6 अरब डॉलर की परिसंपत्तियां निकाल लीं।

कंपनी ने रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि उसने चोरी के बाद परिसंपत्तियों को फ्रीज करने के तीन दिन बाद एक नवंबर, 2026 को सुबह छह बजे से चरणबद्ध तरीके से निकासी बहाल करना शुरू किया।

बाइनेंस ने कहा कि शुरुआती चरण में शामिल सभी 15 नेटवर्क और परिसंपत्तियों से दोपहर 12 बजकर 36 मिनट तक निकासी फिर शुरू हो गई थी। शुरुआत में निकासी में तेज उछाल आया, लेकिन बाद में इसकी रफ्तार धीमी पड़ी और अब यह उम्मीद के मुताबिक स्थिर हो रही है। वहीं, जमा की मात्रा पर्याप्त बनी हुई है।

कंपनी ने बताया कि ग्राहकों ने 1.01 अरब डॉलर जमा किए, जबकि करीब 4.65 अरब डॉलर की परिसंपत्तियां निकालीं। इनमें से ज्यादातर लेनदेन कारोबार बहाल होने के शुरुआती कुछ घंटों में हुए।

बाइनेंस के अनुसार, 3.64 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी उसकी कुल 171 अरब डॉलर की प्रबंधन-अधीन परिसंपत्तियों (एयूएम) का 2.1 प्रतिशत है।

एक्सचेंज ने बाजार की स्थिति को स्थिर बताते हुए कहा कि उसकी टीम बाकी नेटवर्क और परिसंपत्तियों की सख्ती से जांच कर रही है। उसने कहा कि ग्राहकों के लिए अपनी धनराशि तक सुरक्षित और भरोसेमंद पहुंच कितनी महत्वपूर्ण है, वह इसे समझती है और अगले चरण की जानकारी जल्द साझा करेगी।

‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बाइनेंस ने हैकिंग में हुए सभी नुकसान की भरपाई खुद करने की बात कही है। कंपनी ने अन्य क्रिप्टोकरेंसी कंपनियों के साथ मिलकर चोरी की गई करीब तीन अरब डॉलर की परिसंपत्तियों को फ्रीज करने के लिए भी काम किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, साइबर सुरक्षा विश्लेषकों और अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने इस चोरी के लिए उत्तर कोरिया को जिम्मेदार ठहराया है। उत्तर कोरिया वर्षों से क्रिप्टोकरेंसी कंपनियों को निशाना बनाता रहा है और उनके तकनीकी ढांचे की कमजोरियों का फायदा उठाकर परिसंपत्तियां चुराता रहा है।

रिपोर्ट में क्रिप्टो विश्लेषण कंपनी चेनालिसिस के हवाले से कहा गया है कि हैकरों ने संभवतः अपने हमले में तेजी लाने के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया हो सकता है। चेनालिसिस ने कहा कि साइबर हमलावरों ने कम समय में ही हजारों लेनदेन किए।

इस बीच, बाइनेंस के सह-संस्थापक चांगपेंग झाओ ने ग्राहकों को मुआवजे के फर्जी प्रस्ताव देने वाले ऑनलाइन ठगों से भी सावधान रहने को कहा है।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments