नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर (भाषा) वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख के बीच वायदा कारोबार में सोमवार को कच्चे तेल का भाव दो प्रतिशत टूटकर 9,631 रुपये प्रति बैरल रह गया। पश्चिम एशिया संघर्ष से आपूर्ति को लेकर बनी चिंताओं के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों की उम्मीदों का बाजार पर असर पड़ा।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में कच्चे तेल का नवंबर माह में डिलिवरी होने वाला अनुबंध 169 रुपये या 1.72 प्रतिशत की गिरावट के साथ 9,631 रुपये प्रति बैरल रह गया। यह अनुबंध पिछले सप्ताह के मुकाबले 406 रुपये यानी 4.32 प्रतिशत बढ़कर 9,800 रुपये प्रति बैरल पर बंद हुआ।
दिसंबर माह में डिलिवरी होने वाला अनुबंध भी 139 रुपये या 1.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 9,504 रुपये प्रति बैरल रह गया।
चॉइस ब्रोकिंग की कमोडिटी मामलों की मौलिक विश्लेषक पिंकी यादव ने कहा, ‘‘एमसीएक्स में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी के रुख के अनुरूप यह नकारात्मक दायरे में बना रहा।’’
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और इस सप्ताह इजराइल में चुनाव तथा अगले सप्ताह अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के बाद वाशिंगटन की ओर से तेहरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की धमकियों के बावजूद कीमतों पर दबाव बना रहा। इसकी वजह क्षेत्रीय कच्चे तेल का निर्यात युद्ध-पूर्व के स्तर के करीब पहुंचना है।
वैश्विक स्तर पर इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) में दिसंबर में आपूर्ति वाले ब्रेंट क्रूड वायदा का भाव 2.22 डॉलर यानी दो प्रतिशत गिरकर 114.50 डॉलर प्रति बैरल रह गया।
वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज (एनवाईएमईएक्स) पर इसी महीने के अनुबंध वाले वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड का भाव 2.26 डॉलर यानी 2.19 प्रतिशत टूटकर 101.01 डॉलर प्रति बैरल रह गया।
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