लखनऊ, तीन अगस्त (भाषा) ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालयों के प्रमुखों की दो दिवसीय बैठक सोमवार को यहां शुरू हुई। इसका मुख्य उद्देश्य सांख्यिकी प्रणालियों को मजबूत करना, आंकड़ों की गुणवत्ता में सुधार करना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाना है। आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
ब्रिक्स समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और इंडोनेशिया शामिल हैं।
बयान के मुताबिक, भारत की अध्यक्षता में सोमवार को इस दो दिवसीय बैठक का उद्घाटन हुआ। इसमें 350 से ज्यादा लोग शामिल हुए हैं। इनमें ब्रिक्स सदस्य देशों के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालयों के प्रतिनिधि, नीति निर्माता, शिक्षाविद, शोध संस्थान, नागरिक समाज संगठन और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के सचिव और ब्रिक्स 2026 सांख्यिकी ट्रैक के अध्यक्ष सौरभ गर्ग ने ‘राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणालियों के आधुनिकीकरण, प्रशासनिक डेटा और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के अधिक इस्तेमाल और ‘डेटा गवर्नेंस’ व गोपनीयता मानकों को मजबूत करने’ जैसी प्राथमिकताओं का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा, ‘ब्रिक्स सदस्य देशों का लक्ष्य तकनीकी आदान-प्रदान और अनुभवों को साझा करके आंकड़ों की कमियों को दूर करना, प्रमाण-आधारित निर्णय लेने को बढ़ावा देना और मजबूत सांख्यिकी प्रणालियां बनाना है।’’
बयान के अनुसार ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालयों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों ने भी बैठक से अपनी उम्मीदें बताईं और ब्रिक्स सांख्यिकी ट्रैक के तहत सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक में भाग लेने वाले देशों ने ज्ञान साझा करने, बेहतरीन तौर-तरीकों के आदान-प्रदान, सांख्यिकी कार्यप्रणालियों में तालमेल बैठाने और नवोन्मेष को बढ़ावा देने से आधिकारिक सांख्यिकी मजबूत होगी, जानकारी पर आधारित नीति-निर्माण में मदद मिलेगी, मजबूत अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा मिलेगा और टिकाऊ विकास में तेजी आएगी।
बैठक के दौरान, ब्रिक्स संयुक्त सांख्यिकी प्रकाशन (जेएसपी) 2026 का मसौदा और स्नैपशॉट ब्रिक्स जेएसपी 2026 जारी किए गए।
बयान में कहा गया है कि सदस्य देशों से मिलने वाले अतिरिक्त सुझावों को आम सहमति के आधार पर शामिल किया जाएगा। इसमें बताया गया कि तकनीकी सत्रों में सरकारी आंकड़ों के डिजिटल प्रसार और सांख्यिकीय प्रणालियों को आधुनिक बनाने के सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
भाषा आनन्द अमित अजय रमण
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