नयी दिल्ली, 21 अक्टूबर (भाषा)। अदाणी ग्रीन एनर्जी का सितंबर तिमाही का एकीकृत शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 16 प्रतिशत बढ़कर 747 करोड़ रुपये हो गया। बिजली आपूर्ति कारोबार से मजबूत राजस्व वृद्धि से कंपनी का मुनाफा बढ़ा है।
अदाणी समूह की इस कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 644 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा अर्जित किया था।
कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई नियामकीय सूचना में बताया कि जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान उसकी कुल आय 39 प्रतिशत बढ़कर 4,520 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 3,249 करोड़ रुपये थी।
कुल आय में बिजली आपूर्ति कारोबार का योगदान 4,019 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के 2,776 करोड़ रुपये से 45 प्रतिशत अधिक है।
एक अलग बयान में अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में उसका नकद मुनाफा सालाना आधार पर 45 प्रतिशत बढ़कर 1,348 करोड़ रुपये हो गया।
अदाणी ग्रीन एनर्जी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आशीष खन्ना ने कहा, ‘‘भारत की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी के रूप में हमें इस क्षेत्र की प्रगति को गति देने पर गर्व है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में हमारा परिचालन वाला नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो सालाना आधार पर 24 प्रतिशत बढ़कर 20.8 गीगावाट हो गया और ऊर्जा बिक्री में 32 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इससे हमारी सौर, पवन और हाइब्रिड परियोजनाओं का परिचालन प्रदर्शन मजबूत हुआ।’’
कंपनी ने सालाना आधार पर 4,083 मेगावाट की नई क्षमता जोड़ी। इसमें 2,957 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता शामिल है, जिसमें गुजरात के खावड़ा में 2,568 मेगावाट और राजस्थान में 389 मेगावाट की क्षमता जोड़ी गई। इसके अलावा, 805 मेगावाट पवन ऊर्जा क्षमता स्थापित की गई, जिसमें खावड़ा में 666 मेगावाट और मुंद्रा में 139 मेगावाट शामिल हैं। खावड़ा में 321 मेगावाट की सौर-पवन हाइब्रिड क्षमता भी जोड़ी गई।
कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में उसने लगभग 17,160 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय किया, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 38 प्रतिशत अधिक है।
अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड भारत की प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में से एक है। कंपनी के अनुसार, उसका कुल परिचालन नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो 14,242.9 मेगावाट का है।
कंपनी बड़े पैमाने पर ग्रिड से जुड़ी सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं का विकास, निर्माण, स्वामित्व, संचालन और रखरखाव करती है।
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