बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश), 15 अक्टूबर (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मत्स्यपालन विभाग ने बिलासपुर जिले के जलाशयों में अवैध रूप से मछली पकड़ने और दूसरे राज्यों से थोक में सस्ती मछलियां लाकर स्थानीय बाजार में बेचने (खपाने) के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई जिले के विभिन्न जलाशयों में अवैध रूप से मछली पकड़ने और दूसरे राज्यों से बड़ी मात्रा में सस्ती मछली लाकर स्थानीय बाजार में बेचने संबंधी लगातार मिल रही शिकायतों के बाद शुरू की गई है
बिलासपुर मत्स्य मंडल के सहायक निदेशक पंकज ठाकुर ने बताया कि मत्स्य विभाग जिले के विभिन्न क्षेत्रों, गोबिंद सागर जलाशय और मछली की दुकानों का नियमित रूप से निरीक्षण कर रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
ठाकुर के अनुसार, मत्स्य संरक्षण अधिकारी, बिलासपुर मत्स्य अधिकारी और जुखाला मत्स्य अधिकारी की संयुक्त टीम ने उनके नेतृत्व में अवैध रूप से मछली बेचने के पांच मामले पकड़े और कुल 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
उन्होंने बताया कि मत्स्य संरक्षण अधिकारी और उनकी टीम ने गोबिंद सागर जलाशय के बिलासपुर, जुखाला, सिर खड्ड, जड्डू और नकराणा क्षेत्रों से लठियाणी तक गश्त की। इस दौरान करीब 25 किलोग्राम छोटी मछलियां पकड़ने में इस्तेमाल होने वाले अवैध आकार के गिल नेट जब्त किए गए और अवैध मछली पकड़ने के चार मामले दर्ज किए गए।
विभाग अवैध और निर्धारित आकार से छोटे जाल के इस्तेमाल पर लगातार नजर रख रहा है। मत्स्य संघ की ओर से ठेकेदारों द्वारा मछलियां एकत्र नहीं किए जाने की शिकायत मिलने के बाद मछली उतारने के केंद्र और जुखाला का भी निरीक्षण किया गया।
ठाकुर ने बताया कि भाखड़ा, लठियाणी और डोबर मंडली जलाशय क्षेत्रों में भी जांच की गई, जहां अवैध रूप से मछली पकड़ने का एक मामला सामने आया। इसके अलावा, उन्होंने अपनी टीम के साथ कंडौर, भागेड़, पनोल और बिलासपुर के विभिन्न इलाकों के साथ मछली के बीज बेचने वाली दुकानों में भी गश्त और निरीक्षण किया।
उन्होंने कहा कि विभाग अवैध मछली पकड़ने, दूसरे राज्यों से बिना अनुमति मछलियों के परिवहन और उन्हें स्थानीय बाजार में कम कीमत पर बेचने की गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रहा है।
भाषा राजेश राजेश अजय
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