(अभिषेक सोनकर)
लखनऊ, 28 अक्टूबर (भाषा) आविष्कार फाउंडेशन अपने नए 2,500 करोड़ रुपये के कोष से भारत में 30 स्टार्टअप को समर्थन देने की योजना बना रहा है। फाउंडेशन के चेयरमैन विनीत राय ने बुधवार को यह जानकारी दी।
राय ने पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में कहा कि ‘आविष्कार नेक्स्ट जेन फंड’ के जरिये अगले तीन से पांच साल में ऊर्जा बदलाव, पुनर्चक्रण और स्वच्छ प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाली स्टार्टअप कंपनियों को समर्थन दिया जाएगा।
नए उद्यमों को अबतक दिए गए कोष के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘हम स्टार्टअप को उनके विचारों पर काम करने में मदद करके समर्थन देते हैं। अबतक हमने विभिन्न क्षेत्रों के करीब 100 स्टार्टअप को लगभग 5,000-5,500 करोड़ रुपये वितरित किए हैं।’’
राय ने कहा कि कुल कोष का 85 प्रतिशत हिस्सा भारत के स्टार्टअप को दिया गया है, जबकि कुछ स्टार्टअप बांग्लादेश, इंडोनेशिया तथा पूर्वी अफ्रीका जैसे क्षेत्रों में भी हैं।
उन्होंने बताया कि इन स्टार्टअप इकाइयों का संबंध कृषि, वित्तीय सेवा, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और डेयरी जैसे क्षेत्रों से है।
भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछे जाने पर राय ने कहा कि फाउंडेशन ने स्वच्छ प्रौद्योगिकी, पुनर्चक्रण, ऊर्जा बदलाव, जलवायु प्रौद्योगिकी और वित्तीय प्रौद्योगिकी सहित अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले स्टार्टअप को समर्थन देने के लिए भारत पर केंद्रित 2,500 करोड़ रुपये का नया कोष शुरू किया है।
राय ने बताया कि यह आविष्कार फाउंडेशन की ओर से शुरू किया गया सातवां कोष है। उन्होंने यह बात समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के कार्यक्रम से इतर कही।
आविष्कार फाउंडेशन, हेड हेल्ड हाई फाउंडेशन और जनएआई टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड ने बुधवार को संकल्प भारत 2026 में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश के 25 जिलों में कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित जनएआई कैफे स्थापित किए जाएंगे।
मुंबई स्थित आविष्कार फाउंडेशन, आविष्कार समूह की गैर-लाभकारी इकाई है। यह भारत के वंचित क्षेत्रों में कम आय वाले समुदायों के लिए उद्यमिता को बढ़ावा देने और आजीविका के अवसर पैदा करने की दिशा में काम करती है।
भाषा
यासिर अजय
अजय
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.