पटना, चार अगस्त (भाषा) बिहार सरकार ने राज्यभर में 203 ग्रामीण हाट स्थापित करने के लिए स्थलों का चयन किया है, जहां जीविका दीदियों द्वारा तैयार उत्पाद एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे।
ग्रामीण विकास विभाग और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने मंगलवार को पुराने सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में जीविका एवं वीबी-जी रामजी योजना की समीक्षा बैठक के दौरान यह जानकारी दी।
बैठक में बताया गया कि ग्रामीण हाट के निर्माण के लिए राज्यभर में 203 स्थलों का चयन किया जा चुका है। नालंदा समेत कुछ जिलों से अंतिम स्तर के प्रस्ताव प्राप्त हो गए हैं, जबकि अन्य जिलों से भी प्रस्ताव मंगाए जा रहे हैं।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन ग्रामीण हाट में जीविका दीदियों के उत्पादों की बिक्री और विपणन की व्यवस्था एक ही छत के नीचे सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जीविका दीदियों के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए पोशाक की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहे और इसमें किसी प्रकार की कमी नहीं हो।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण हाट में भंडारण कक्ष, दुकानें, बिक्री के लिए शेडयुक्त चबूतरे, शौचालय तथा आधुनिक सुविधाओं से युक्त कार्यालय का निर्माण किया जाएगा। पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर के लिए मॉडल विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी तैयार कर ली गई है तथा जल्द ही चिन्हित स्थलों पर निर्माण कार्य शुरू होगा। इस परियोजना में नाबार्ड का भी सहयोग लिया जा रहा है।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण हाट के निर्माण के लिए सबसे पहले नालंदा जिले से प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। इस पर मंत्री ने तत्काल कार्य शुरू करने के निर्देश दिए तथा जिन जिलों से अब तक प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुए हैं, उनकी भी समीक्षा करने को कहा।
श्रवण कुमार ने कहा कि ग्रामीण हाट के निर्माण से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे विशेष रूप से जीविका दीदियों को अपने उत्पादों के लिए तैयार बाजार उपलब्ध होगा और राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में भी योगदान बढ़ेगा।
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राजकुमार अजय
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