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Sunday, 18 October, 2026
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दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़: प्रत्यक्षदर्शियों ने भीड़ प्रबंधन में खामियों का आरोप लगाया

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कोलकाता, 18 अक्टूबर (भाषा) कोलकाता पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या भीड़ प्रबंधन में खामियों, प्रवेश और निकास के रास्तों को लेकर भ्रम तथा भारी बारिश के कारण चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मची। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

इस भगदड़ में शनिवार शाम 19 लोगों की मौत हो गई।

कई प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि प्रवेश, निकास और लोगों की आवाजाही को लेकर उचित घोषणाएं नहीं की गईं, जिससे वहां पहुंचे लोग भ्रमित हो गए।

स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि पंडाल में पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं की गई थी और पुलिसकर्मी मुख्य रूप से वीआईपी प्रवेश द्वार के पास तैनात थे।

चोरबागान इलाके की निवासी संघमित्रा भौमिक ने कहा, ‘‘इस साल मैंने पुलिस की पर्याप्त मौजूदगी नहीं देखी। इसके कारण कुप्रबंधन हुआ।’’

स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में प्रशासन की ओर से बहुत कम मदद मिलने का भी आरोप लगाया।

एक पुलिस अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘कुछ खामियां जरूर रही होंगी, उनकी जांच होगी। यह पता लगाया जाएगा कि क्या लापरवाही आयोजकों की ओर से हुई और क्या उन्होंने पंडाल बनाने के लिए नियमों का उल्लंघन किया।’’

उन्होंने कहा कि पुलिस घटना के कारणों, भीड़ नियंत्रण के उपायों, आयोजन स्थल पर की गई व्यवस्थाओं और आपात स्थिति के दौरान अधिकारियों की ओर से उठाए गए कदमों की जांच कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘जांच के तहत प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी।’’

एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि फॉरेंसिक टीम देर रात चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल क्षेत्र में पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने शुरू किए।

उन्होंने बताया कि कोलकाता पुलिस के अधिकारी चोरबागान दुर्गा पूजा के आयोजकों से भी बात कर रहे हैं और उन्होंने वहां सुरक्षा में तैनात गार्डों तथा भीड़ प्रबंधन के लिए नियुक्त लोगों की सूची मांगी है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम वहां तैनात पुलिसकर्मियों से भी बात करेंगे। हमारे अधिकारी पूजा आयोजकों से पूछताछ कर रहे हैं। हम लोगों की सूची तैयार कर रहे हैं और घटना के समय उनकी भूमिका का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं।’’

घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे थे।

उन्होंने कहा, ‘‘थीम पूजा के नाम पर कई पंडालों में रोशनी बहुत कम रखी जाती है।’’

कोलकाता और राज्य के अन्य हिस्सों में दुर्गा पूजा के कई आयोजक ‘थीम’ आधारित सजावट के जरिये अपने पंडालों को अधिक आकर्षक बनाने के लिए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करते हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मृतकों में से दो के परिजनों के अनुसार, पंडाल क्षेत्र में निजी सुरक्षा गार्डों द्वारा सीटी बजाए जाने के कारण वहां अफरा-तफरी मच गई थी।

कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंदा भी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना।

कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, घायलों को इलाज के लिए आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया, जबकि 11 मरीजों को एसएसकेएम अस्पताल भेजा गया।

मेडिकल कॉलेज के एक सूत्र ने बताया कि मृतकों में 13 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं।

पश्चिम बंगाल सरकार ने घटना से प्रभावित लोगों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है।

इस हादसे में जान गंवाने वाली एक महिला के बेटे सोनू पाल ने घटना के वक्त की परिस्थितियों की जानकारी दी।

पाल ने कहा, ‘‘मेरी मां ने मेरी आंखों के सामने दम तोड़ दिया। मैं भी शायद नहीं बच पाता।’’

कुम्हारटोली के निवासी पाल अपनी मां के साथ दुर्गा पूजा देखने गए थे। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई।

उन्होंने बताया, ‘‘बाहर बारिश हो रही थी और कोई भी बाहर नहीं निकलना चाहता था। बारिश से बचने के लिए प्रवेश द्वार पर खड़े लोग अंदर आने के लिए लगातार धक्का दे रहे थे।’’

पाल ने कहा कि भीड़ बढ़ने के कारण लोग संभल नहीं सके और एक-दूसरे पर गिरने लगे।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं भी भीड़ के नीचे फंस गया था। किसी तरह मैंने खुद को संभाला और अपनी मां के पास पहुंचा, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी।’’

घटना से लोगों में भारी रोष है। भगदड़ में जान गंवाने वालों के दुखी परिजनों ने सवाल उठाया कि इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा।

पीड़ितों में से एक के पड़ोसी सनी ने सवाल किया, ‘‘हम शव ले लेंगे, लेकिन इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा? पुलिस और प्रशासन कहां थे?’’

इस हादसे में शुभम सोनकर ने अपनी बहन को खो दिया। उन्होंने अपनी बहन से हुई आखिरी बातचीत को याद करते हुए कहा कि वह उसकी शादी की योजना बना रहे थे।

उन्होंने कहा, ‘‘आज वह चली गई। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?’’

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की 12वीं कक्षा की एक छात्रा और हुगली जिले की एक नर्स भी हादसे में जान गंवाने वालों में शामिल हैं।

उत्तर 24 परगना जिले के उत्तर जोगेंद्रनगर इलाके की रहने वाली प्रिया सामद्दार अपने दोस्तों के साथ दुर्गा पूजा पंडाल देखने कोलकाता आई थीं, लेकिन न्यू बैरकपुर स्थित तपती बालिका विद्यालय की यह छात्रा अब कभी घर नहीं लौटेगी।

इस घटना में जान गंवाने वाली एक अन्य महिला श्रीपर्णा पोद्दार (27) हुगली जिले के बैद्यबाटी से थीं।

रात में कोलकाता पहुंची उनकी मां ने कहा, ‘‘मेरी बेटी टाटा कैंसर अस्पताल में नर्स के तौर पर काम करती थी। वह शनिवार सुबह काम पर जाने के लिए घर से निकली थी और बाद में अपने दोस्तों के साथ चोरबागान गई थी।’’

भाषा

शोभना सिम्मी

सिम्मी

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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