नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने पुरानी दिल्ली की एक मस्जिद का इस्तेमाल लोगों को उस प्रदर्शन के खिलाफ सावधान करने के लिए किया, जिसे वह “बिना जरूरत का प्रदर्शन” बता रही है.
सोशल मीडिया पर गुरुवार शाम से सामने आए एक वीडियो में एक पुलिसकर्मी लोगों को पुरानी दिल्ली के इलाके की एक मस्जिद से कुछ निर्देश पढ़कर सुनाता हुआ दिखाई दे रहा है. पुलिसकर्मी वीडियो में कहता है, “कृपया अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों को बताएं कि उन्हें किसी भी बिना जरूरत के प्रदर्शन में शामिल नहीं होना चाहिए.”
📍 पुरानी दिल्ली
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने मस्जिद में जाकर लोगों से 10 अक्टूबर के CJP प्रदर्शन में शामिल न होने की अपील की। अधिकारी ने कहा “परिवार को समझाएं कि unnecessary भीड़ या protest में हिस्सा न लें, क्योंकि प्रशासन अपना काम कर रहा है।”
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— Muslim Voice Cell (@MuslimVoiceCell) October 8, 2026
वीडियो में पुलिसकर्मी को यह कहते हुए भी सुना जा सकता है, “किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और न ही उस पर ध्यान दें. किसी भी भड़काने वाले संदेश का शिकार न बनें. एक जिम्मेदार नागरिक बनें और कानून का पालन करें. अपने इलाके की सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन का सहयोग करें.”
“कृपया अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों को बताएं कि उन्हें किसी भी बिना जरूरत के प्रदर्शन में शामिल नहीं होना चाहिए, क्योंकि प्रशासन अपना काम कर रहा है. उन्हें किसी भी तरह से नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए.”
यह ऐसे समय में हुआ है जब विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर रोज प्रदर्शन कर रहे हैं. कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शनिवार को जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया है. वहीं, केंद्र ने सुरक्षा बलों को तैनात किया है. ऐसा लगता है कि इसका मकसद प्रदर्शन को रोकना या प्रदर्शनकारियों पर दबाव बनाना है.
दिल्ली पुलिस ने अपनी अपील को केवल धार्मिक स्थलों तक सीमित नहीं रखा है. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि लोगों तक “जानकारी पहुंचाने” के लिए दूसरी जगहों पर होने वाली सभाओं और बाजारों का भी इस्तेमाल किया गया है. इन जगहों से लोगों से “गैरकानूनी” प्रदर्शन में शामिल न होने की अपील की गई है.
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दिप्रिंट से कहा, “पिछले कुछ दिनों में राजधानी की सड़कों पर लोगों को इस तरह बड़ी संख्या में इकट्ठा होने की कोई अनुमति नहीं दी गई है और 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के आह्वान को लेकर भी स्थिति यही है.”
उन्होंने आगे कहा, “इस बात में कोई भ्रम नहीं है कि ये सभी जुटान गैरकानूनी सभाएं हैं. इसलिए पिछले कुछ दिनों से, जब से प्रदर्शन चल रहे हैं, निर्देश जारी किए जा रहे हैं.”
गुरुवार को सोशल मीडिया पर सामने आए इस खास वीडियो का जिक्र करते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिसकर्मी का एकमात्र मकसद यह “सुनिश्चित करना था कि युवाओं को गुमराह करके ऐसी सभा में शामिल न कराया जाए, जिसे गैरकानूनी सभा माना जा रहा है.”
उन्होंने दिप्रिंट से कहा, “वीडियो में दिख रहे पुलिसकर्मी या दूसरे धार्मिक स्थलों या बाजारों में ऐसे निर्देश जारी करने वाले कई अन्य लोगों का मकसद सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि युवाओं को गुमराह न किया जाए और वे किसी गैरकानूनी सभा का हिस्सा न बनें.”
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