scorecardresearch
Monday, 3 August, 2026
होमदेशदिशा सालियान मामला : अदालत ने पूछा, पिता ने संदेह जताया तो पुलिस ने प्राथमिकी क्यों नहीं दर्ज की?

दिशा सालियान मामला : अदालत ने पूछा, पिता ने संदेह जताया तो पुलिस ने प्राथमिकी क्यों नहीं दर्ज की?

Text Size:

मुंबई, तीन अगस्त (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को पूछा कि जब पूर्व सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान के पिता ने वर्ष 2020 में उनकी मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताया था, तो पुलिस को मामले की जांच करने से किसने रोका था।

न्यायमूर्ति भारती डांगरे और न्यायमूर्ति मंजुषा देशपांडे की पीठ ने यह भी सवाल किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार 14वीं मंजिल से गिरने के बावजूद मृतका के शरीर पर कोई चोट नहीं होने की बात कैसे सामने आई।

दिशा सालियान की आठ जून, 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक आवासीय इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। इसके बाद शहर पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज की थी।

पुलिस ने जांच के बाद दावा किया था कि दिशा ने आत्महत्या की थी। हालांकि, उनके पिता सतीश सालियान ने पिछले साल उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि उनकी बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी हत्या की गई।

मामले की सुनवाई के दौरान सोमवार को उच्च न्यायालय की पीठ ने पुलिस से पूछा कि मामले को आकस्मिक मृत्यु जांच के रूप में लेने के बजाय प्राथमिकी क्यों दर्ज नहीं की गई।

अदालत ने कहा, ‘‘अगर इस मामले में पीड़िता के पिता मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताते हैं, तो पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर जांच करने से किसने रोका?’’

सरकारी वकील शिशिर हिरे ने अदालत को बताया कि मामले को आकस्मिक मृत्यु के रूप में लिया गया और दो बार जांच की गई। दोनों बार निष्कर्ष यही निकला कि यह आत्महत्या का मामला था।

उन्होंने कहा कि मामले में गवाहों के बयानों से भी इस निष्कर्ष को समर्थन मिला।

पीठ ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह भी पूछा कि 14 मंजिल की ऊंचाई से गिरने के बाद मृतका के शरीर पर चोटें कैसे नहीं आईं।

न्यायमूर्ति डांगरे ने पूछा, ‘‘अगर कोई व्यक्ति 14वीं मंजिल की ऊंचाई से गिरता है, तो क्या उसके शरीर पर कोई चोट नहीं आएगी?’’

हिरे ने कहा कि तस्वीरों के अनुसार मृतका के सिर में चोटें थीं।

सतीश सालियान के वकील निलेश ओझा ने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें शुरुआत में जो तस्वीरें दिखाई थीं, उनमें ऐसी कोई चोट नहीं दिख रही थी।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘इसके बाद पुलिस ने सिर की चोट वाली तस्वीरें तैयार कीं।’’

उच्च न्यायालय ने पुलिस को मामले से जुड़े कुछ दस्तावेज याचिकाकर्ता को उपलब्ध नहीं कराने को लेकर भी फटकार लगाई।

अदालत ने कहा, ‘‘पुलिस के अनुसार कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं है और इसलिए कोई जांच भी नहीं चल रही है। जब केवल आकस्मिक मृत्यु की जांच की जा रही है और पुलिस का निष्कर्ष आत्महत्या है, तो याचिकाकर्ता को कुछ सामान्य दस्तावेज देने से क्या रोका जा रहा है?’’

पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त के लिए निर्धारित की। सतीश सालियान ने अपनी बेटी की मौत की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने और शिवसेना (उबाठा) विधायक आदित्य ठाकरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

दिशा सालियान ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के मैनेजर के तौर पर कुछ समय काम किया था। सुशांत सिंह राजपूत ने 14 जून, 2020 को आत्महत्या की थी।

भाषा रवि कांत रवि कांत नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments