Sunday, 26 June, 2022
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स्पेशल चाइल्ड को बोर्डिंग न करने देने के लिए DGCA ने इंडिगो पर लगाया 5 लाख रुपए का जुर्माना

16 मई को, DGCA ने इंडिगो को 7 मई की घटना के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था जिसमें इसके प्रबंधकों ने एक स्पेशल चाइल्ड को रांची हवाई अड्डे पर उड़ान में चढ़ने की अनुमति नहीं दी थी.

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नई दिल्ली: डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने शनिवार को इंडिगो एयरलाइन पर झारखंड के रांची हवाई अड्डे पर एक विकलांग बच्चे को बोर्डिंग न करने देन के लिए 5 लाख का जुर्माना लगाया है.

डीजीसीए ने एक बयान में कहा कि इस साल 7 मई को एक स्पेशल चाइल्ड और उसके परिवार के सदस्यों के साथ रांची एयरपोर्ट पर बोर्डिंग करने से मना कर दिया गया था. डीजीसीए ने एक जांच की थी और जांच के दौरान निष्कर्षों के आधार पर, इंडिगो एयरलाइन को उसके अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था.

बयान में कहा गया है कि डीजीसीए ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पाया कि इंडिगो का ग्राउंड स्टाफ स्पेशल चाइल्ड को संभालना में कमी दिखाई जिससे स्थिति और बिगाड़ गई.

डीजीसीए के बयान में कहा गया है विशेष परिस्थितियों में असाधारण प्रतिक्रिया की जरूरत पड़ती है लेकिन एयरलाइन कर्मचारी इस मौके को संभालने में विफल रहे और इस प्रक्रिया में नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं (विनियमों) के पत्र और भावना के पालन में चूक हुई है.

इसे देखते हुए डीजीसीए में सक्षम प्राधिकारी ने फैसला किया है कि प्रासंगिक विमान नियमों के प्रावधानों के तहत एयरलाइन पर पांच लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा.

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इसके अलावा, भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए, डीजीसीए अपने खुद के विनियमों पर फिर से विचार करेगा और नियत समय में आवश्यक परिवर्तन लाएगा. इसके साथ ही उसने यात्री के स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए विमान के कमांडर के साथ एयरपोर्ट के डॉक्टर के साथ लिखित परामर्श किया था.

बता दें कि 16 मई को, DGCA ने इंडिगो को 7 मई की घटना के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था जिसमें इसके प्रबंधकों ने एक स्पेशल चाइल्ड को रांची हवाई अड्डे पर उड़ान में चढ़ने की अनुमति नहीं दी थी. इस पूरी घटना को अन्य यात्रियों ने रिकॉर्ड कर लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.


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