नयी दिल्ली, 18 दिसंबर (भाषा) ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे उभरते खतरों समेत साइबर धोखाधड़ी के बारे में वरिष्ठ नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए शुक्रवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय में एक राज्य स्तरीय परामर्श बैठक आयोजित की गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
इस बैठक में महिलाओं एवं बच्चों के लिए विशेष पुलिस इकाई (एसपीयूडब्ल्यूएसी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें संयुक्त पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त और उपायुक्त शामिल थे। साथ ही सभी पुलिस जिलों और यातायात इकाई के अधिकारी भी उपस्थित थे।
दिल्ली पुलिस के एक बयान में कहा गया है, ‘संवाद के दौरान वरिष्ठ नागरिकों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव, शिकायतें और सुझाव साझा किए। साथ ही जिला और थाना स्तर पर बुजुर्गों की समस्याओं के समाधान की सराहना की।’
प्रतिभागियों ने दिल्ली पुलिस द्वारा हाल ही में आयोजित साइबर जागरूकता कार्यक्रमों की भी सराहना की, जिनका उद्देश्य उन्हें डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग जैसी ऑनलाइन धोखाधड़ी और डिजिटल स्पेस में सुरक्षित रहने के उपायों के बारे में जागरूक करना था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘बुजुर्ग नागरिक साइबर अपराधियों के सबसे आसान लक्ष्यों में से हैं। इसीलिए दिल्ली पुलिस उनमें डिजिटल जागरूकता फैलाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।’
उन्होंने कहा कि बुजुर्ग नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी के विभिन्न रूपों के बारे में जागरूक करने के लिए जिलों में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
अधिकारी ने कहा, ‘दिल्ली पुलिस वरिष्ठ नागरिकों की सहायता करने और यह सुनिश्चित करने के लिए हमेशा तत्पर है कि वे शारीरिक और डिजिटल दोनों ही क्षेत्रों में सुरक्षित महसूस करें।’
भाषा
शुभम दिलीप
दिलीप
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