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Wednesday, 30 September, 2026
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SIR पूरा हो चुके राज्यों में Declaration Form की जरूरत नहीं: चुनाव आयोग

ECI ने कहा- SIR शुरू होने से पहले वाले राज्यों/UTs में भी Declaration Form नहीं देना होगा, Form 6 में कोई बदलाव नहीं.

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नई दिल्ली: जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में Special Intensive Revision (SIR) पूरा हो चुका है और जहां SIR अभी शुरू होना बाकी है, वहां Declaration Form देने की जरूरत नहीं होगी. चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी.

चुनाव आयोग के अधिकारी के मुताबिक, SIR के दौरान या गैर-SIR अवधि में Form 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

अधिकारी ने कहा, “Declaration Form एक अतिरिक्त दस्तावेज था, जिसे उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मांगा गया था, जहां 24 जून 2025 के SIR आदेश और उसके बाद जारी SIR आदेशों के तहत SIR कराया गया था. ये सभी फैसले आयोग ने सर्वसम्मति से लिए थे.”

आयोग की 26 सितंबर 2026 को जारी प्रेस नोट के मुताबिक, जिन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR पूरा हो चुका है और जहां यह अभी शुरू होना बाकी है, वहां Declaration Form की जरूरत नहीं होगी.

Declaration Form में नए आवेदकों से खुद, अपने माता-पिता या दादा-दादी का नाम पहले की गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान तैयार मतदाता सूची से जोड़ने की जानकारी मांगी जाती है.

ECI ने 26 सितंबर की अपनी प्रेस नोट में कहा था कि SIR के लिए Form 6 के साथ लगाए गए Declaration Form को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है.

अब तक 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR पूरा हो चुका है. इनमें बिहार और पश्चिम बंगाल भी शामिल हैं.

CEC ज्ञानेश कुमार को विपक्षी दलों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. यह आलोचना द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के बाद शुरू हुई. रिपोर्ट में कहा गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR की प्रक्रिया और दूसरे चुनावी मामलों से जुड़े फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर 10 महीने की अवधि में कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी.

हालांकि, बैठक के बाद जारी अपनी प्रेस नोट में ECI ने कहा कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में Special Intensive Revision (SIR) का शेड्यूल 27 अक्टूबर 2025 को जारी किया गया था. वहीं 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए शेड्यूल 14 मई 2026 को जारी किया गया था. आयोग ने इन दोनों फैसलों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी थी.

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